अमरीकी राजदूत की हत्या के मामले में गिरफ्तारियां

  • 14 सितंबर 2012

लीबिया में अधिकारियों ने कहा है कि मंगलवार को बेनगाजी में अमरीकी राजदूत की हत्या और दूतावास पर हुए हमले के सिलसिले में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

लीबिया के नए प्रधानमंत्री मुस्तफा अबू शगूर का कहना है कि बेनगाजी हमले की जाँच जारी है और कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

अमरीका में इस्लाम पर बनी एक फ़िल्म के कुछ अंश को इंटरनेट पर देखे जाने के बाद से अरब जगत में सबसे पहले प्रदर्शन मिस्र में शुरू हुए. कई देशों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुई है.

मिस्र की राजधानी काहिरा में पुलिस और प्रदर्शनकारियों की झड़पें हुईं. फिल्म का यमन, मिस्र, मोरोक्को, सूडान, ट्यूनिशिया में विरोध हो रहा है.ट्यूनिशिया में प्रदर्शनकारियों ने अमरीकी दूतावास में दाखिल होने की कोशिश की है.

ओबामा का वादा

अमरीका के खिलाफ़ अरब देशों में फैल रही हिंसा पर राष्ट्रपति बराक ओबामा ने वादा करते हुए कहा है कि विदेशों में मौजूद अमरीकियों की रक्षा करने के लिए जो भी जरुरी होगा किया जाएगा.

ओबामा ने विदेशी सरकारों से अपील करते हुए कहा कि वो अपने यहाँ रह रहे अमरीकियों को सुरक्षा मुहैया कराएं क्योंकि ये उनका उत्तरदायित्व है.

इस बीच, अमरीकी अधिकारियों ने कहा कि वे इस बात की जांच कर रहें हैं कि लीबिया में अमरीकी दूतावास पर हुए हमले के पीछे कोई चरमपंथी साज़िश थी या केवल फ़िल्म के कारण लोगों की नाराज़गी का नतीजा था.

यमन में उत्पात

यमन में प्रदर्शनकारी राजधानी सना स्थित अमरीकी दूतावास में सुरक्षाकर्मियों का घेरा तोड़ते हुए दाखिल हो गए और अमरीकी झंडे को जला दिया.

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर नियंत्रण पाने की कोशिश में फायरिंग की है लेकिन वे उन्हें परिसर में दाखिल होने से नहीं रोक पाए हैं.

अनेक लोग इस घटना में घायल हुए.हालांकि बाद में सुरक्षा बलों ने उन्हें खदेड़ दिया.

Image caption यमन में प्रदर्शनकारियों ने अमरीकी दूतावास पर धावा बोला

सना में चश्मदीदों का कहना है कि दूतावास के अंदर कई गाड़ियों को आग लगी दी गई है.

मंगलवार को लीबिया के शहर बेनग़ाज़ी में अमरीकी वाणिज्य दूतावास पर हुए हमले में अमरीकी राजदूत समेत तीन अमरीकी नागरिक और 10 लीबियाई नागरिक मारे गए थे.

मिस्र में प्रदर्शन

मिस्र में लगातार तीसरे दिन अमरीकी दूतावास के बाहर प्रदर्शन हुए और प्रदर्शनकारी अमरीकी राजदूत को देश के बाहर निकाले जाने की मांग कर रहे थे.

पुलिस ने आँसू गैस छोड़ी जबकि प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया.

मिस्र में स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान 224 लोग घायल हो गए.

मिस्र के राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी ने शांति की अपील करते हुए कहा है कि पूरी अरब जगत में गुस्से की लहर चल रही है लेकिन उन्होंने सभी विदेशियों और दूतावासों की हिफाजत करने का वादा गिया है.

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