नैटो शिविर पर तालिबान का घातक हमला

Image caption नैटो शिविर पर तालिबान के हमले में दो अमरीकी सैनिकों की मौत हो गई है

दक्षिणी अफगानिस्तान के हेलमंद प्रांत में नैटो के एक बेहद मजबूत कैंप पर चरमपंथी हमला हुआ है.

इस हमले में कम से कम दो अमरीकी सैनिकों की मौत हो गई है. हमले में कई विदेशी सैनिकों के घायल होने की भी खबर है.

बीबीसी को भेजे संदेश में तालिबान ने इस हमले की जिम्मेदारी की है और कहा है कि इसका मकसद उस अमरीकी फिल्म का विरोध करना है जिसमें इस्लाम का मजाक उड़ाया गया है.

इस हमले में कई जहाजों और इमारतों को नुकसान पहुंचा है.

नैटो के जिस बस्तियोन शिविर पर ये हमला हुआ है उसकी जबर्दस्त किलेबंदी की गई है और वो बेहद सुरक्षित माना जाता है.

सवाल

इसलिए ये सवाल भी उठाए जा रहे हैं कि चरमपंथी वहां तक पहुंचने में सफल कैसे हो गए.

ब्रिटेन के राजकुमार प्रिंस हैरी भी अफगानिस्तान की अपनी दूसरी यात्रा पर पिछले हफ्ते ही आए हैं. हालांकि प्रिंस हैरी बिल्कुल सुरक्षित हैं.

नैटो अधिकारियों का कहना है कि इस हमले में चरमपंथियों ने छोटे हथियारों, रॉकेट और मोर्टार का इस्तेमाल किया.

इस शिविर में कई देशों के सैनिक रहते हैं और शुक्रवार को हुए हमले में खासकर अमरीकी परिसर को निशाना बनाया गया था.

हेलमंद प्रांत के गवर्नर का कहना है कि इस हमले में कम से कम 18 तालिबान लड़ाके भी मारे गए.

तालिबान के प्रवक्ता करी यूसुफ अहमदी ने बीबीसी को बताया कि उनके निशाने पर अमरीकी और ब्रितानी सैनिक थे.

बाद में एक बयान के जरिए तालिबान ने कहा कि उनके दस से भी ज्यादा लड़ाके इस अभियान में शामिल थे और ये अभी भी जारी है.

तालिबान ने धमकी दी है कि इस्लाम के अपमान के विरोध में देश भर में कई और हमले किए जा सकते हैं.

यू ट्यूब

इस बीच समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने अफगानिस्तानी अधिकारियों के हवाले से खबर दी है कि देश में इंटरनेट पर यू ट्यूब वेबसाइट देखने पर अनिश्चितकालीन पाबंदी लगा दी गई है.

अधिकारियों के मुताबिक ऐसा इसलिए किया गया है कि ताकि पैगंबर मोहम्मद साहब पर बनी विवादास्पद फिल्म लोग न देख सकें.

रॉयटर्स का कहना है कि एक अफगानी अधिकारी ने पहचान न जाहिर करने की शर्त पर इस बात की पुष्टि की है कि सरकार ने ऐसे आदेश जारी किए हैं.

रॉयटर्स का कहना है कि सरकार ने ऐसा इसलिए किया है ताकि इसे देखकर लोगों की भावनाओं को भड़कने से रोका जा सके.