अमरीका की एशिया में सैन्य संघर्ष की चेतावनी

  • 16 सितंबर 2012
चीन प्रदर्शन

अमरीका ने पूर्वी एशिया में संभावित सैन्य संघर्ष की चेतावनी दी है. वहां विवादित टापुओ को लेकर जापान के विरोध में लोग प्रदर्शन कर रहे हैं.

अमरीका के रक्षा मंत्री लियोन पिनेटा का कहना है कि इन प्रदर्शनों के कारण लोगों में गुस्सा बढ़ सकता है जिसकी वजह से संघर्ष हो सकता है.

चीन में दूसरे दिन प्रदर्शनकारी शहरों में इकट्ठा हुए और पुलिस ने इन गुस्साए लोगों को तित्तर-बित्तर करने के लिए आंसु गैस और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया.

चीन विवादित सेनकाकु द्वीप पर अपनी संप्रभुता को लेकर बार बार दावे करता रहा है.

रविवार को चीन में राजधानी बीजिंग में मौजूद जापानी दूतावास के सामने फिर से नाराज़ प्रदर्शनकारियों की भीड़ जमा हो गई है.

चीन में ऐसे प्रदर्शन शनिवार से जारी हैं. जिसके दौरान दूतावास पर पत्थरबाज़ी भी की गई थी.

देश के दूसरे शहरों में भी जापानियों की दुकानों में लूटपाट की घटनाएं हुईं और कारों को नुक़सान पहुंचाया गया.

चीन में जापान के ख़िलाफ़ ज़बरदस्त ग़ुस्से की लहर है जबसे जापान ने इस बात की घोषणा की है कि वो सेनकाकू नाम के द्दीप उनके मालिकों से ख़रीद रहा है. ये द्वीप पूर्वी चीन सागर में स्थित हैं.

चीन में इन्हें दियाओयू के नाम से जाना जाता है.

दावा

इन द्वीपों पर दोनों देश अपने-अपने दावे करते हैं.

जापान के प्रधानमंत्री योशिहोको नोडा ने चीन से अपील की है कि वो जापानियों के जानमाल की हिफ़ाज़त करें.

चीन में हाल में जापान के फैसले के ख़िलाफ़ काफ़ी प्रदर्शन हुए हैं. दक्षिणी चीनी नगर गौंगज़ू में जापानी वाणिज्य दूतावास के सामने एक भीड़ ने जमा होकर जापान से इन द्वीपों से वापस चले जाने की मांग की थी.

मुल्क के दूसरे शहरों - शेनज़ेन, क्विंगदाओ और हारविन में भी जापान विरोधी प्रदर्शन हुए थे.

जापान की क्योदो समाचार एजेंसी का कहना है कि दोनों मुल्कों के बीच 1972 के बाद रिश्तों में आए सुधार के बाद से ये सबसे बड़े प्रदर्शन हैं.

संबंधित समाचार