मैक्सिको में वेबसाइटों पर हैकर्स का कब्जा

  • 18 सितंबर 2012
Image caption हैकर्स का कहना है कि वे अपनी असहमति जताते का रास्ता तलाश रहे हैं

मैक्सिको में कम्प्यूटर हैकर्स ने अपना राजनीतिक विरोध दर्ज कराते हुए कम से कम दस सरकारी और अन्य वेबसाइटों पर कब्जा करके अपना स्वतंत्रता दिवस मनाया.

खुद को 'मैक्सिकन साइबर प्रोटेस्ट' करार देते हुए इन हैकर्स ने राजनीतिक दलों, मीडिया संगठनों और सरकारी एजेंसियों की वेबसाइटों को निशाना बनाया.

इनमें कंजर्वेटिव पैन पार्टी और क्षेत्रीय अखबार लॉस इन्फोरमेंट्स की वेबसाइट भी शामिल है.

हैकर्स ने इन वेबसाइटों को हैक करके वहां अपना संदेश प्रदर्शित किया जिसमें देश के हालिया राष्ट्रपति चुनाव को धोखा बताते हुए उसकी भर्त्सना की गई है.

इन हैकर्स ने देश में व्याप्त भ्रष्टाचार, मादक-पदार्थ संबंधी हिंसा और अर्थव्यवस्था को लेकर अपनी शिकायतें भी दर्ज कराई हैं.

'लोकतंत्र चोरी हो गया'

हैकर्स ने अपने बयान में कहा है, ''ये एक शांतिपूर्ण साइबर-प्रोटेस्ट है. हम अपराधी नहीं हैं. हम छात्र हैं, कामगार हैं और उत्पादक हैं जो निराश हो चुके हैं और अपनी असहमति जताते का रास्ता तलाश रहे हैं.''

हैकर्स ने अपने संदेश में मैक्सिको के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति एनरिक़ पेन नीटो को 'लादा गया राष्ट्रपति' बताया है और कहा है कि जुलाई में हुए चुनाव में लोकतंत्र 'चोरी' हो गया.

उन्होंने निवर्तमान राष्ट्रपति फेलिप कैल्डेरोन पर भी देश की अर्थव्यवस्था के कुप्रबंधन और मादक-पदार्थ संबंधी हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है.

इससे पहलेस विरोधी वामपंथी पार्टी के एंडर्स मैन्युअल लोपेज़ ने एनरिक़ पेन नीटो पर वोट और मीडिया-कवरेज़ खरीदने का आरोप लगाया था.

लेकिन पिछले महीने ही मैक्सिको की सर्वोच्च निर्वाचन अदालत ने इन आरोपों को ये कहते हुए खारिज कर दिया था कि इनके समर्थन में पर्याप्त सुबूत नहीं हैं.

एनरिक़ पेन नीटो अगले राष्ट्रपति के तौर पर एक दिसम्बर को शपथ ग्रहण करेंगे. इसके साथ ही पीआरआई पार्टी की एक बार फिर सत्ता में वापसी होगी.

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