दो दशक बाद अमरीका पहुंचीं सू ची

आंग सान सू ची

बर्मा की लोकतंत्र समर्थक नेता और सांसद आंग सान सू ची अपनी रिहाई के बाद पहली बार अमरीका की राजधानी वॉशिंगटन पहुंच गई हैं. दो दशक में सू ची की ये पहली अमरीका यात्रा है.

नोबेल शांति पुरस्कार विजेता आंग सान सू ची की अमरीका यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमरीकी प्रशासन बर्मा के खिलाफ कुछ और प्रतिबंध हटाने की सोच रहा है.

अपने 18 दिनों के दौरे के दौरान सू ची की अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा से भी मुलाकात करने की उम्मीद है.

लेकिन अभी जो कार्यक्रम तय हैं, उसके मुताबिक मंगलवार को सू ची अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन से मुलाकात करेंगी. इसके अलावा वह कई अमरीकी सांसदों और अधिकारियों से भी मिलेंगी.

अमरीकी कांग्रेस ने सू ची को वर्ष 2008 में अमरीका के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'कॉन्ग्रेशनल मेडल ऑफ़ ऑनर' ‎से सम्मानित किया था. अब ये मेडल भी उन्हें सौंपा जाएगा.

इस यात्रा के दौरान सू ची अमरीका के विभिन्न शहरों में बर्मा मूल के लोगों से भी मुलाक़ात करेंगी.‎ वॉशिंगटन, न्यूयॉर्क, सैन फ़्रांसिस्को जैसे शहरों में करीब 100 ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं जिसमें सू ची को सम्मानित किया जाएगा.

अमरीका में सू ची से बर्मा में जातीय संघर्ष के बारे में भी सवाल किए जा सकते हैं. इन संघर्षों के बाद हज़ारों रोहिंग्या मुसलमानों को विस्थापित होना पड़ा था.

बर्मा मूल के लोगों में खुशी

Image caption सू ची को बर्मा की सैन्य सरकार ने उनके ही घर में कई वर्षों तक नज़रबंद रखा

अमरीका में बर्मा मूल के करीब एक लाख लोग रहते हैं जो सू ची के इस दौरे से बहुत खुश हैं.

न्यूयॉर्क में भी बर्मा मूल के लोगों की बड़ी तादाद है. इन लोगों ने सू ची के सम्मान में 22 सितंबर को एक कार्यक्रम आयोजित किया है.

न्यूयॉर्क में रहने वाली बर्मा मूल की एक अमरीकी महिला वे वे नाएंग वर्ष 1999 में बर्मा से अमरीका आई थीं. वह बर्मा में रहते हुए भी सू ची का समर्थन करती थीं और कई बार उनसे मुलाकात भी कर चुकी हैं.

सू ची के अमरीका आने से वे वे नाएंग बहुत उत्साहित हैं. वह कहती हैं, "मैं बहुत खुश हूं, मुझे सू ची पर बहुत गर्व है. हम सबको उन पर गर्व है. अपनी रिहाई के बाद पहली बार वह अमरीका आई हैं, यह बहुत अद्भुत है. मैं उनसे मिलने को बेताब हूं. मुझे फ़क्र है कि मैं बर्मा मूल की हूं."

वे वे का कहना है कि बर्मा मूल के लोगों ने न्यूयॉर्क में एक भव्य समारोह का आयोजन किया है और 22 सितंबर को क्वींस के ऑडिटोरियम में आंग सान सू ची को देखने, उनसे मिलने और बातें करने के लिए बहुत से लोग दूर दराज़ के शहरों से भी न्यूयॉर्क पहुंच रहे हैं.

वे वे कहती हैं कि वह सू ची को बर्मा के राष्ट्रपति के रूप में देखना चाहती हैं.

वह कहती हैं, "अगर सू ची बर्मा की राष्ट्रपति बनना चाहती हैं तो उन्हें पूरा हक है. वह बहुत अच्छी नेता हैं और उन्होंने बर्मा के लोगों के लिए बहुत बलिदान दिया है. मैं उनको पूरा समर्थन देती हूं."‎

नज़रबंद

आंग सान सू ची को बर्मा की सैन्य सरकार ने उनके ही घर में कई वर्षों तक नज़रबंद रखा था.‎ इसी साल अप्रैल में उन्होंने संसदीय चुनाव जीतने के बाद संसद की सदस्यता भी हासिल की.

बर्मा की सरकार ने हाल में कई राजनीतिक और सामाजिक सुधार किए हैं. अमरीकी समेत पश्चिमी देशों के दबाव के बाद सैकड़ों राजनीतिक बंदियों को भी रिहा किया गया है.

बर्मा सरकार के इन क़दमों के बाद अमरीका समेत कई पश्चिमी देशों ने सैन्य शासन के दौरान लगाए गए ‎‎प्रतिबंधों को हटा लिया है.

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