बो शिलाई कांड: पूर्व पुलिस प्रमुख के खिलाफ मुकदमा शुरू

वांग लिजुन
Image caption वांग लिजुन को गू काईलाई की तरह मौत की सजा सुनाई जा सकती है

चीन के सबसे बड़े राजनीतिक कांड बो शिलाई मामले में पूर्व पुलिस प्रमुख वांग लिजुन के खिलाफ मुकदमा शुरू हो गया है.

वांग लिजुन पर आरोप है कि ब्रितानी कारोबारी नील हेवुड की हत्या के मामले में उन्होंने ठीक से कार्रवाई नहीं की, रिश्वत ली और अपने पद का दुरुपयोग किया.

बो शिलाई की पत्नी गू काईलाई को नील हेवुड हत्या मामले में मौत की सज़ा सुनाई गई है, हालांकि इस सज़ा को स्थगित रखा गया है.

वांग लिजुन के खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही मंगलवार से शुरू होनी थी, लेकिन उनके वकील वांग युनकाई ने कहा कि सोमवार से ही सुनवाई आरंभ हो गई है.

एक सम्राट का पतन

वांग युनकाई के हवाले से डेली टेलीग्राफ अखबार ने खबर दी है कि ''मुकदमा सुबह साढ़े आठ बजे शुरू हुआ और कार्यवाही दोपहर में खत्म हो गई.''

इसमें कहा गया है कि ''मुकदमे के गोपनीय और सार्वजनिक दो हिस्से हैं. आज का मुकदमा गोपनीय था क्योंकि इसमें सरकारी गोपनीयता जुड़ी हुई थी. इसका संबंध ठीक से कार्रवाई न करने और अपने हिसाब से कानून को तोड़ने-मरोड़ने संबंधी आरोपों से है.''

चीन में मौजूद बीबीसी संवाददाता जॉन सुडवर्थ का कहना है कि विदेशी पत्रकारों को सुनवाई के सार्वजनिक हिस्से को कवर करने की इजाजत नहीं होगी.

अभी ये पता नहीं चल पाया है कि वांग लिजुन के खिलाफ मुकदमा कितना लंबा चलेगा. बो शिलाई की पत्नी गू काईलाई के खिलाफ चला मुकदमा एक दिन में ही खत्म हो गया था.

सत्ता परिवर्तन

Image caption गू काईलाई ने नील हेवुड की हत्या की जिम्मेदारी स्वीकार की है

पूर्व पुलिस प्रमुख वांग लिजुन के खिलाफ मुकदमे की ये कार्यवाही ऐसे समय हो रही है जब कम्युनिस्ट पार्टी की एक अहम बैठक आगामी कुछ हफ्तों में होनी है.

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक, कम्युनिस्ट पार्टी सत्ता हस्तांतरण और नेतृत्व परिवर्तन से पहले इस मामले को निपटा देना चाहती है.

बीबीसी संवाददाता का ये भी कहना है कि वांग लिजुन ने अमरीका से मदद नहीं मांगी होती तो नील हेवुड हत्या मामले की संभवत: कभी जांच नहीं होती.

मामले की जांच नहीं होती तो गू काईलाई आज़ाद होतीं और उनके पति बो शिलाई चीन की सबसे शक्तिशाली राजनीतिक संस्था पोलित ब्यूरो की स्थाई समिति में अपनी जगह पक्की कर चुके होते.

ठोस सबूत

चीन की सरकारी मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि वांग लिजुन के खिलाफ ठोस सबूत मिले हैं.

शिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक, वांग के खिलाफ अभियोग में कहा गया है कि वो ये जानते थे कि गू काईलाई की नील हेवुड हत्या में संदिग्ध भूमिका है, लेकिन उन्होंने जान-बूझकर इस तथ्य की अनदेखी की और कानून को अपने हिसाब से तोड़ा-मरोड़ा.

विश्लेषकों का कहना है कि वांग के भागकर अमरीकी दूतावास जाने से चीन की बड़ी किरकिरी हुई और इस मामले में कूटनीति के साथ ही सरकारी गोपनीयता का मामला भी जुड़ गया.

खबरों में कहा गया है कि वांग लिजुन को भी गू काईलाई की तरह मौत की सज़ा सुनाई जा सकती है.

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