बच्चा हो गया, गर्भवती होने का पता न था

Image caption इस महिला सैनिक को डिलिवरी के लिए तब ले जाया गया जब उन्होंने पेट दर्द की शिकायत की

गर्भवती न होने का एहसास किसी महिला को न हो, ऐसा मानना मुश्किल लगता है.

लेकिन अफगानिस्तान में मौजूद एक ब्रितानी महिला सैनिक के साथ कुछ ऐसा ही हुआ.

उन्होंने अफगानिस्तान के हेलमंद प्रांत में एक बच्चे को जन्म दिया लेकिन उन्हें इस बात का आखिरी समय तक आभास नहीं था कि वे गर्भवती हैं.

ये महिला रॉयल आर्टिलरी में तोप चलाने वाली सैनिक हैं और इनका नाम ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय की ओर से गोपनीय रखा गया है.

हालांकि रक्षा मंत्रालय ने इतना बताया कि उन्हें डिलिवरी के लिए तब ले जाया गया जब उन्होंने पेट दर्द की शिकायत की.

इस महिला की गत मार्च में अफगानिस्तान में तैनाती हुई लेकिन वे उससे पहले ही गर्भ धारण कर चुकी थीं.

कैसे पता न चला?

दरअसल ऐसे मामले बहुत कम ही सामने आते हैं जब महिलाओं की गर्भावस्था के दौरान मासिक धर्म भी चालू रहते हैं और उनका पेट भी नहीं फूलता.

ऐसे में महिला को इस बात का एहसास ही नहीं होता कि वो गर्भवती है.

2002 में जर्मनी में किए गए एक शोध के मुताबिक 475 में से करीब 25 महिलाओं को इस बात का एहसास ही नहीं होता कि वे गर्भवती हैं.

ब्रितानी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सैनिक मां और उनका बच्चा, दोनों स्वस्थ हैं.

एक वक्तव्य में रक्षा मंत्रालय ने कहा, “सेना के नियमों के मुताबिक गर्भवती महिलाओं को जंगी जगहों पर तैनात नहीं किया जाता. लेकिन इस मामले में रक्षा मंत्रालय को इस बात की जानकारी नहीं थी कि ये महिला सैनिक गर्भवती है.”

ऑक्सफर्ड के जॉन रैडक्लिफ हॉस्पिटल की एक टीम जल्द ही अफगानिस्तान के लिए रवाना होगी ताकि मां और बच्चे की सही देखभाल की जा सके.

बीबीसी के रक्षा मामलों के संवाददाता कैरोलीन वायट का कहना है कि ये पहली बार हुआ है कि किसी ब्रितानी महिला सैनिक ने जंग-ए-मैदान में बच्चे को जन्म दिया हो.

हालांकि 2003 से लेकर अब तक करीब 200 महिला सैनिकों को इराक और अफगानिस्तान से वापस भेजा जा चुका है क्योंकि वे वहां गर्भवती हो गई थीं.

बीबीसी संवाददाता कैरोलीन वायट के मुताबिक ऐसे मामले सामने आने से इस बात पर बहस शुरू हो सकती है कि क्या जंग-ए-मैदान में महिलाओं को तैनात किए जाने से पहले उनका मेडिकल चैकअप किया जाना चाहिए या नहीं.

संबंधित समाचार