साइबर सेक्स बदनाम, अब लगी लगाम

Image caption फिलीपींस में साइबर सेक्स के खिलाफ पहले भी कई कठोर कदम उठाए जा चुके हैं

फिलीपींस में साइबर सेक्स और ऑनलाइन सेक्स वीडियो चैट को गैरकानूनी घोषित कर दिया गया है.

साइबर सेक्स में वेबकैम के सामने बैठी महिलाएं अपने ग्राहकों की माँग के हिसाब से उनसे बातें करती हैं और कैमरे के ही सामने उत्तेजक हरकतें करती हैं.

साइबर सेक्स दुनिया के तमाम हिस्सों में तेजी से बढ़ रहा उद्योग है और अक्सर इसमें कम उम्र की लड़कियों को जबरन इस व्यवसाय में धकेल दिया जाता है.

इसे गैरकानूनी घोषित करने के बाद इस कानून का उल्लंघन करने वाले को करीब छह हजार अमरीकी डॉलर का जुर्माना अदा करना पड़ सकता है. साथ ही छह महीने की जेल की सजा भी हो सकती है.

इस कानून में साइबर सेक्स को कुछ इस तरह परिभाषित किया गया है, “कंप्यूटर के जरिए किसी भी तरह की अश्लील हरकत करना, जननांगों को दिखाना या ऐसी किसी गतिविधि में प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से शामिल होना.”

कानून

इस कानून का मसौदा तैयार करने वाले सीनेटर एडगार्डो अंगारा का कहना है, “बच्चों को लेकर बनाई गईं अश्लील फिल्मों, साइबर सेक्स, हैकिंग जैसे साइबर अपराध की पहचान, उनकी चांज और उन्हें रोकने के लिए इस कानून की सख्त जरूरत थी.”

इस कानून के बन जाने के बाद फिलीपींस पुलिस और राष्ट्रीय जांच ब्यूरो मिलकर इस कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एक विशेष यूनिट गठित करेगी.

यही नहीं अधिकारी ऐसे अपराधों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतों के गठन के बारे में भी विचार कर रहे हैं.

फिलीपींस में साइबर सेक्स पर लगाम लगाने के लिए पहले भी कई कड़े कदम उठाए जा चुके हैं.

साल 2011 स्वीडेन के दो नागरिकों को साइबर सेक्स संबंधी गतिविधियों के संचालन के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी.

इन स्वीडिश नागरिकों की मदद के लिए फिलीपींस के भी तीन नागरिकों को बीस-बीस साल की सजा सुनाई गई थी. इन लोगों ने साइबर सेक्स के संचालन के लिए ही साइबर कैफे खोल रखा था.

(इस खबर का शीर्षक रामसूरत सिंह का दिया हुआ है जिन्होंने फेसबुक पर हमें ये शीर्षक सुझाया है.)

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