कैसे पता नहीं चलता गर्भवती होना?

 शुक्रवार, 21 सितंबर, 2012 को 11:07 IST तक के समाचार
गर्भावस्था

जो महिलाएं बेहद स्वस्थ होती हैं उनपर अक्सर गर्भावस्था से होने वाले लक्षण ज़्यादा असर नहीं दिखाते

ज़्यादातर महिलाएं ये सुनकर हैरान होंगी कि कोई महिला गर्भवती हो और उसे आठवें-नवें महीनों तक भी यह पता ही नहीं लगे कि उसके गर्भ में शिशु है.

गर्भावस्था के कई लक्षण हैं और यह लगभग असंभव है कि किसी महिला के गर्भ में शिशु हो और उसे सात-आठ महीनों तक इस बात का पता ही न लगे.

तो फिर आखिर ये कैसे हुआ कि क्लिक करें अफगानिस्तान में तैनात एक ब्रितानी महिला सैनिक जब पेट में दर्द की जांच के लिए अस्पताल पहुंची तो उसे यह पता चला कि ये दर्द असल में प्रसव पीड़ा है!

"ये मुमकिन है. ऐसी महिलाएं हैं जिनकी महावारी नियमित नहीं और थायरॉयड जैसी बीमारियों के चलते आमतौर पर सुबह उनकी तबयत ठीक न रहती हो. अगर महिला का वज़न ज्यादा हो तो उसे पेट बढ़ने का अंदाज़ा नहीं होता. किसी महिला को इस तरह की दिक्कतें हों तो संभव है कि उसे गर्भावस्था का पता न लगे."

त्री रोग विशेषज्ञ पैट्रिक ओ ब्रायन

गर्भवस्था के दौरान महिला का मासिक स्राव बंद हो जाता है, सुबह उठने पर उलटी और चक्कर का एहसास आम समस्या है और पेट बढ़ने के साथ शरीर में ऐसे कई बदलाव होते हैं जिनको नज़रअंदाज़ करना बेहद मुश्किल है. यहां तक कि गर्भावस्था के 20वें हफ्ते में शिशु बच्चेदानी में हलचल भी शुरु कर देता है.

यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन से जुड़े स्त्री रोग विशेषज्ञ पैट्रिक ओ ब्रायन के मुताबिक इस तरह के मामले भले ही बेहद कम हों लेकिन ये संभव है.

वो कहते हैं, ''ये मुमकिन है. ऐसी महिलाएं हैं जिनकी माहवारी नियमित नहीं है और थायरॉयड जैसी बीमारियों के चलते आमतौर पर सुबह उनकी तबीयत ठीक न रहती हो. अगर महिला का वज़न ज्यादा हो तो उसे पेट बढ़ने का अंदाज़ा नहीं होता. किसी महिला को इस तरह की दिक्कतें हों तो संभव है कि उसे गर्भावस्था का पता न लगे.''

‘क्यों पता नहीं लगता’

जो महिलाएं बेहद स्वस्थ होती हैं उन पर अक्सर गर्भावस्था से होने वाले लक्षण ज़्यादा असर नहीं दिखाते. अगर गर्भ में मौजूद बच्चे का आकार और वज़न बेहद छोटा हो तो भी यह संभव है कि महिला को गर्भ में पल रहे शिशु का पता न लगे.

इस तरह के मामले अक्सर किशोरियों में अधिक होते हैं जो अपने गर्भवती होने को लेकर लगातार अशंका में रहती हैं.

पैट्रिक ओ ब्रायन के मुताबिक, ''कम उम्र में मां बनी किशोरियों के लिए ये सामाजिक रुप से इतनी बड़ी शर्मिंदगी होती है कि वो अंत तक इसे छिपाने की कोशिश करती हैं.''

हालांकि ऐसी महिलाओं की संख्या बेहद कम है जिन्हें इस बात का पता नहीं लगता कि वो गर्भवती नहीं.

दाइयों की संस्था रॉयल मिडवाइव्स से जुड़ी सू जेकब कहती हैं कि गर्भाधान की खबर इस बात पर निर्भर करती है कि महिला को अपने शरीर और उसमें हो रहे बदलाव के बारे में कितनी जानकारी है.

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