जिन ऐतिहासिक घटनाओं से अनजान हैं आप

एंड्रयू मार का कार्यक्रम 'हिस्ट्री ऑफ़ द वर्ल्ड' एक घंटे के आठ धारावाहिकों में सभ्यता की कहानी बयान करने की कोशिश कर रहा है. इसी सिलसिले में बीबीसी ने अपने पाठकों से पूछा कि वे इतिहास की नज़रअंदाज़ घटनाओं के बारे में बताएं. प्रस्तुत है उन्हीं में दस घटनाएं:

1. औद्योगिक अमोनिया

अमोनिया
Image caption अमोनिया के आविष्कार ने खेती की शक्ल को बदल कर रख दिया.

“रीट्ज़ हेबर और कार्ल वॉश्च ने 1909 में जो कुछ किया वो अहम है. उन्होंने दुनिया भर में कृषि के आधुनिकीकरण और विस्तार का रास्ता दिखाया. ” एड जोन्स, लिडनी, ग्लॉस से

साल 1909 में फ़्रीट्ज़ हेबर और कार्ल बॉश्च ने बड़ी मात्रा में रसायनिक खाद बनाने का तरीक़ा खोजा. ये था नाइट्रोजन और हाइड्रोजन के मेल से बना अमोनिया.

इस नई खाद से फ़सलों के उत्पादन में भारी वृद्धि हुई और दुनिया की बढ़ती आबादी के लिए अधिक खाद्यान्न उपलब्ध हो सके.

अमोनिया के निर्माण को ‘हवा से रोटी’ जुगाड़ना बताया गया था.

प्रोफ़ेसर वासलाव स्मिल कहते हैं कि हेबर-वॉश्च के इस आविष्कार के बिना दुनिया की 40 प्रतिशत आबादी यानी करीब तीन सौ करोड़ लोग आज ज़िंदा नहीं होते, क्योंकि हम उनके खाने के लिए पर्याप्त खाना ही नहीं जुटा पाते.

2. एंड्रियास होफ़र, ऑस्ट्रिया के विद्रोही नेता

Image caption अमोनिया के आविष्कार से दुनिया की बढ़ती आबादी को खाद्यान्न उपलब्ध हो सका.

“एंड्रियास होफ़र की कहानी के बारे में सभी को पता होना चाहिए.” डॉक्टर एंड्रयू बैलेनकीज़, ऑस्ट्रिया

साल 1809 एंड्रियास होफ़र ने ऑस्ट्रिया के गांवों में एक फ़ौज़ तैयार की और नेपोलियन की सेना के ख़िलाफ़ लड़े. वे ऑस्ट्रिया के टाइरोल इलाके को नेपोलियन से मुक्त कराना चाहते थे.

एक गांव में सराय चलाने वाले होफ़र की फौज में किसान और उनके खेतों में काम करने वाले मज़दूर थे.

उनके पास कोई ख़ास हथियार नहीं थे.

साल 1809 में कुछ अरसे के लिए उन्होंने इस इलाक़े पर राज किया, नए क़ानूनों की घोषणा की और अपने सिक्के भी चलाए. एक साल के भीतर ही विश्वासघात के चलते उन्हें मार दिया गया.

आज वे ऑस्ट्रिया में एक नायक हैं. उनके नाम पर संग्रहालय हैं, उनपर किताबें लिखी गई हैं. साथ ही उनका नाम सड़कों को भी दिया गया है.

लेकिन ऑस्ट्रिया के बाहर शायद ही लोग उन्हें जानते हैं.

3. नेत्र विज्ञान के क्षेत्र में अलहेज़न का योगदान

Image caption अल-हैताम ने आंखों के देखने के सिंद्धात को सही ढंग से गणित के सहारे समझाया.

“दसवीं सदी में अरबी वैज्ञानिक खोजें और विशेषकर इब्न अल-हैताम जैसे लोगों का जीवन का ज़िक्र कम ही होता है.” जेम्स, ब्रिस्टल

इब्न अल हैताम का जन्म 965 में इराक़ में हुआ था और उन्हें कुछ लोग वैज्ञानिक शोध का जनक मानते हैं.

अल हैताम पहले व्यक्ति थे जिन्होंने इस सिद्धांत को ग़लत बताया जिसके अनुसार ये मान्यता थी कि हम अपने नेत्रों से निकलने वाली किरणों की वजह से चीज़ों को देखते हैं.

उन्होंने पहली बार कहा कि हम अपनी आंखों में रोशनी के दाख़िल होने की वजह से देखते हैं.

यूनिवर्सिटी ऑफ़ सरे के प्रोफ़ेसर जिम अल-ख़लीली कहते हैं कि उनसे पहले किसी वैज्ञानिक ने इस प्रक्रिया को साबित करने के लिए गणित का सहारा नहीं लिया था.

अल हैताम अरब विज्ञान के सुनहरे दौर का हिस्सा थे.

4. डेन्यूब की लिपि

“मध्य यूरोप में 6000 से 3500 ईसा पूर्व की नव पाषाण युगीन सभ्यता और उससे जुड़ी डेन्यूब लिपि. इसी लिपि ने शायद पहली बार लिखित शब्द की संभावना प्रबल की.” जेरेमी ग्लोवर, लिटॉन बज़ार्ड से

डेन्यूब लिपि पुरात्तत्व विदों के बीच एक विवादास्पद मुद्दा है. कुछ का मानना है कि ये दुनिया में लिखित भाषा का सबसे पुराना उदाहरण है.

इसके शुरूआती चिन्ह नव पाषाण युग की मिट्टी के बर्तनों में पाया जाता है जो बाल्कन क्षेत्र में पाए गए हैं.

क्वींस यूनिवर्सिटी ऑफ़ बेल्फ़ास्ट के प्रोफ़ेसर जेम्स मलोरी कहते हैं कि कुछ तो यहां तक मानते हैं कि रोमानिया के टारटारिया में पाए गए शिला लेख अदभुत हैं क्योंकि वे बिल्कुल लेख जैसे प्रतीत होते हैं.

लेकिन प्रोफ़ेसर ये भी कहते हैं कि कोई भी इस लिपि के बारे में पक्के तौर पर कुछ नहीं कह सकता.

5. डबल एंट्री बुक कीपिंग

“डबल एंट्री बुक कीपिंग ने यूरोप और बाद में दुनिया भर में व्यापार के तरीके को बदल दिया.” फ़िलिपा सटन, न्यूकास्ल

माना जाता है कि डबल एंट्री बुक कीपिंग यूरोप में 16वीं सदी में एक भिक्षु लुका पासियोली ने शुरू की. ये एक वित्तीय हिसाब-किताब का तरीक़ा है.

ये तरीका बताता है कि हर लेन-देन के दो पहलू होते हैं – एक क्रेडिट और एक डेबिट. और एक सही हिसाब-किताब वही है जिसमें दोनों का मिलान संभव हो.

इसके बारे में भला कितने लोगों ने पड़ा होगा. और इतिहास तो इसकी महत्ता पर लगभग ख़ामोश ही है.

6. सात साल का युद्ध

Image caption सात साल के युद्ध में दस लाख लोग मारे गए थे

सात साल का युद्ध वास्तव में पहला विश्व युद्ध था और इसे इतिहास में नज़रअंदाज़ किया गया है. क्लेगी, नॉर्थफ़्लीट कैंट से

‘सात साल का युद्ध’ (1756-1763) उस समय के यूरोप की सभी बड़ी ताकतों के बीच लड़ा गया था.

इसमें फ़्रांस, ऑस्ट्रिया, रूस और स्वीडन एक तरफ़ थे तो ब्रिटेन, परसिया और हनोवर दूसरी तरफ़.

ब्रिटने के राष्ट्रीय सेना संग्रहालय के क्यूरेटर माइकल बॉल कहते हैं कि सात साल का युद्ध को पहला विश्व युद्ध कह सकते हैं लेकिन ये बीसवीं सदी के महायुद्ध जैसा तो नहीं था.

वे कहते हैं कि बीसवीं सदी के महायुद्धों का विस्तार जापान, भारत, यूरोप और उत्तरी अमरीका तक था.

एक अनुमान के मुताबिक़ इस युद्ध में दस लाख के क़रीब लोगों ने अपनी जान गंवाई थी.

7. एक्सम का साम्राज्य

“कई सभ्यताओं को भुला दिया जाता है. जैसे एक्सम.” बुरहानु तस्सिमा, अदीस अबाबा से

एक्सम साम्राज्य का उदय पहली सदी में उत्तरी-पूर्वी अफ़्रीका में हुआ था.

अफ़्रीका पर काम करने वाले इतिहासकार जेम्स बर्न्स कहते हैं कि एक्सम को विश्व के इतिहास में शामिल करने की कई वजहें हैं.

उनके अनुसार ये साम्राज्य एक संपन्न शहरी सभ्यता का प्रतिनिधित्व करता था.

जेम्स बर्न्स के कहते हैं, "इसकी अर्थव्यवस्था इथियोपिया में पैदा फसलों पर आधारित थी. इसमें एशिया से आई तकनीक का प्रयोग हो रहा था. ये रोम का एक बड़ा व्यापारिक सहयोगी था.”

अफ़्रीका में सबसे पहले इसी साम्राज्य में ईसाई धर्म का विस्तार हुआ.

8. हम्मूराबी का कानून

Image caption हम्मूराबी का कानून दुनिया में कानून को लिपिबद्ध करने का पहला उदाहरण है.

“हम्मूराबी का कानून भी इतिहास में शामिल होना चाहिए. ये पहली बार था जब किसी शासक ने अपनी प्रजा के लिए कानून दर्ज किए.” बेन गेट, पॉन्टीप्रिड

प्राचीन विश्व में कानून का सबसे विस्तृत दस्तावेज़ है हम्बूराबी की स्लेट.

इसे आमतौर पर हम्मूराबी का कानून कहा जाता है लेकिन कुछ जानकार कहते हैं कि ये दरअसल कानून का शिला लेख नहीं है.

लेकिन इतना तो तय है कि ये बेबीलॉन साम्राज्य के सम्राट हम्मूराबी (1762-1750 ई.पू.) के जीवन और न्याय प्रणाली की झलक देता है.

इस शिला लेख पर ‘आंख के लिए आंख’ वाले सिंद्धात का ज़िक्र है. साथ ही इसमें सबूत के आधार पर न्याय और शपथ उठाकर गवाही देने का भी ज़िक्र है.

9. खमेर साम्राज्य का उदय और पतन

Image caption अंकोटवट की स्थापना खमेर साम्राज्य के दौरान हुई थी

“खमेर साम्राज्य 12वीं सदी में अपने चरम पर पहुंचा और इससे समूचा दक्षिणी-पूर्वी एशिया प्रभावित हुआ. ” पॉल मैकशेन, एडिनबरा

कम्बोडिया के जंगलों में हज़ारों पर्यटक अंकोरवट के मंदिर परिसर को हैरान से निहारते हैं.

ये मंदिर खमेर साम्राज्य की विरासत हैं जिसकी नौंवी शताब्दी में सारे इलाके में तूती बोलती थी.

इस क्षेत्र पर नज़र रखने वाले डॉक्टर चार्नी कहते हैं, “ये दक्षिण पूर्व एशिया की पहली और सबसे अहम सभ्यता थी. ये आने वाले साम्राज्यों के लिए एक पैमाना बन गई थी. ”

मैरी बैथ डे कहती हैं कि अंकोटवट पूर्व-औद्योगिक काल का सबसे बड़ा शहरी परिसर था, जिसकी इंजीनियरिंग और जल व्यवस्था बहुत ही बढ़िया थी.

लेकिन इस साम्राज्य का पतन आज भी इतिहास के लिए एक रहस्य ही बना हुआ है.

10. साइमन बोइवार

Image caption साइमन बोइवार ने पांच लातिनी अमरीकी देशों को स्पेन से आज़ादी दिलाई थी.

“साइमन बोइवार ने पांच देशों को स्पेन के शासन से मुक्ति दिलाई थी.” लूइज़ रोड्रीगेज़, ली-ऑन-सी

यूरोप के दर्शन से प्रभावित होकर साइमन बोइवार ने स्पेनी साम्राज्य से अपने लोगों को मुक्त करवाया था. जिन इलाक़ों से उन्होंने स्पेन को खदेड़ा था वे थे– बोलिविया, कोलंबिया, इक्वाडोर, पनामा, पेरू और वेनेज़ुएला.

हालांकि उनका शासन काल काफ़ी असफल रहा था.

अपने प्रतिद्वंद्वियों से परेशान और लगातार तानाशाही की ओर बढ़ने के बाद वे 1830 में मर गए थे.

ब्रिस्टल विश्वविद्यालय में लातिनी अमेरिका के जानकारा डॉ मैथ्यू ब्राउन कहते हैं कि अपने अंतिम समय में बोइवार बड़े दुखी थे क्योंकि वे आज़ादी और बराबरी के अपने सिद्धांतों को लागू नहीं कर पाए थे.