ईरान में गूगल और जीमेल पर प्रतिबंध

गूगल
Image caption ईरान में गूगल सेवाओं पर पहले भी प्रतिबंध लगाया गया था

ईरान ने गूगल के सर्च इंजन और उसकी ई-मेल सेवा पर प्रतिबंध लगा दिया है. कई पश्चिमी वेबसाइटों पर ईरान में पहले से ही प्रतिबंध लगा हुआ है.

ईरान ने गूगल सेवा पर प्रतिबंध ऐसे समय लगाया है जब राजधानी तेहरान समेत मुस्लिम जगत के अन्य देशों में पैगम्बर विरोधी अमरीकी फिल्म के ख़िलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.

'इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स' नामक ये फिल्म गूगल की वीडियो-साझा करने वाली वेबसाइट यूट्यूब पर उपलब्ध है.

ईरान सरकार के एक उपमंत्री ने गूगल पर प्रतिबंध की घोषणा रविवार को सरकारी टेलीविजन के माध्यम से की.

ईरान के लोक-अभियोजक कार्यालय के सलाहकार अब्दुल समद खोरामबादी ने कहा, ''गूगल और जी-मेल पर पूरे देश में प्रतिबंध रहेगा. ये प्रतिबंध अगले आदेश तक जारी रहेगा.''

इस घोषणा को एसएमएस के जरिए मोबाइल फोन उपभोक्ताओं तक भी पहुंचाया गया है.

निंदा

कुछ ब्लॉगर्स ने ईरान सरकार के इस क़दम की निंदा की है और कहा है कि ये अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन है.

ग़ौरतलब है कि ईरानी अधिकारी कुछ समय से योजना बना रहे हैं कि वहां इंटरनेट का इस्तेमाल करनेवाले लोग देश के इंटरनेट नेटवर्क का इस्तेमाल करना करना शुरू कर दें.

वैसे गूगल पर प्रतिबंध के बावजूद ईरान के लोग उसके असुरक्षित वर्जन का इस्तेमाल कर सकेंगे.

बीबीसी की फारसी सेवा का कहना है, ''गूगल सर्च वेबसाइट उपलब्ध तो है लेकिन ये सही तरह से काम नहीं कर रही है. गूगल सेवा के लिए जिस सुरक्षित एसएसएल कनेक्शन की जरूरत होती है, वो ईरान में नहीं है.''

वीपीएनएस का इस्तेमाल

ईरान में जो लोग जी-मेल का इस्तेमाल करना चाहते हैं, उन्हें वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क्स (वीपीएनएस) का इस्तेमाल करना होगा.

जर्मनी में रहने वाले ईरान के एक दूरसंचार सलाहकार मेहमूद तजाली मेहर का कहना है कि कि सरकारी प्रतिबंधों से बचने के लिए ईरान में कई लोग पहले से ही वीपीएनएस का इस्तेमाल कर रहे हैं.

वे कहते हैं, ''इंटरनेट पर बाहरी ट्रैफिक को नियंत्रित करने की दिशा में ये एक सरकारी कदम है और अधिकारियों का कहना है कि वे इसे लगभग तीन वर्ष तक जारी रखेंगे. लेकिन स्कूल में पढ़ने वाले हर बच्चे को भी ये पता है कि वीपीएनएस का इस्तेमाल कैसे किया जाता है. ये ईरान में बहुत आम बात है.''

हालांकि ये पहला मौका नहीं है जब ईरान के अधिकारियों ने गूगल सेवाओं पर प्रतिबंध लगाया है.

मार्च में संसदीय चुनाव से पहले भी गूगल और जी-मेल को प्रतिबंधित कर दिया गया था.

वहीं गूगल की यूट्यूब वेबसाइट पर वर्ष 2009 से ही रोक लगी है जब राष्ट्रपति मेहमूद अहमदीनेजाद के दोबारा चुनाव में धांधलियों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हुए थे.

इतना ही नहीं, गार्डियन, बीबीसी और सीएनएन जैसे पश्चिमी मीडिया संगठनों की वेबसाइटों, फेसबुक और ट्विटर पर भी ईरान में कई बार प्रतिबंध लगाया जा चुका है.

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