क्यों गंवाए एक मां ने सात बच्चे ?

  • 26 सितंबर 2012
शेरोन- एडवर्ड
Image caption अपने बेटे एडवर्ड के साथ शेरोन बर्नाडी जिसकी 21 साल की उम्र में मौत हो गई.

शेरॉन बर्नाडी के सभी सात बच्चे एक दुर्लभ आनुवांशिक बीमारी के शिकार हुए हैं.

इस कारण उन्होंने एक ऐसे शोध का समर्थन करने का फैसला किया है जो यह सुनिश्चित करेगा कि किसी महिला के दोषपूर्ण आनुवंशिक विकार को किसी दूसरी महिला के डीएनए से बदला जा सकता है.

शेरॉन जितनी भी बार गर्भवती होती थीं तो प्रार्थना करती थी कि इस बार उनके साथ पहले जैसा न हो. गर्भधारण करने के दौरान वह बेहतर महसूस करती थी और उनके बच्चों का जन्म भी ठीक से हो जाता था.

लेकिन इसके बाद चीजें बिगड़नी शुरू हो जाती थीं.

उनके पहले तीन बच्चे पैदा होने के कुछ घंटों के भीतर ही मर गए और किसी को भी समझ नहीं आया कि ऐसा क्यों हुआ?

संडरलैंड में रहने वाली शेरॉन कहती हैं, ''पहले बच्चे की मौत से उबरने में हमें लंबा समय लगा और फिर दोबारा ऐसा हो गया.''

पहले संदेह फिर जांच

शेरॉन कहती हैं, ''मुझे इसका गहरा सदमा लगा. तीसरे बच्चे की मौत के बाद डॉक्टरों को यह संदेह होना शुरू हो गया कि यह सारी मौतें आकस्मिक नहीं थी.''

लेकिन आनुवांशिक जाँच से भी कोई ठोस जवाब नहीं मिले.

इसी समय उनकी माँ ने रहस्योघाटन किया कि शेरॉन के जन्म से पहले उनके तीन मरे हुए बच्चे पैदा हुए थे. डॉक्टरों की जाँच से यह भी पता चला कि शेरॉन के विस्तृत परिवार में इसी तरह से आठ बच्चों की मौत हो चुकी थी.

शेरॉन ने बताया, ''मुझे अपनी माँ के इतिहास के बारे में पता नहीं था. मुझे इसको जानने की ज़रूरत भी नहीं थी. मैं अपनी माँ की अकेली बच्ची थी. मैं समझती हूँ कि उनके समय में लोग इन विषयों पर इस तरह से बातें नहीं करते थे जिस तरह आज करते हैं.''

लेकिन तभी शेरॉन का चौथा बच्चा एडवर्ड इस दुनिया में आया. इस बार डॉक्टर पहले की तुलना में ज्यादा तैयार थे.

बीमारी

उनके जन्म के पहले 48 घंटों के दौरान उन्हें दवाएं दी गई और लैक्टिक एसीडोसिस (एक तरह का रक्त संक्रमण) से बचने के लिए खून चढ़ाया गया.

इसी संक्रमण की वजह से उनके तीन भाई-बहनों की मौत हो चुकी थी.

पाँच सप्ताह बाद शेरॉन और उनके पति नील को क्रिसमस के दौरान एडवर्ड को अपने घर ले जाने की अनुमति दे दी गई. एडवर्ड जीवित रहा लेकिन उसका स्वास्थ्य खराब ही रहा और शेरॉन को अकसर उसका खास धयान रखना पड़ा.

चार साल की उम्र में उसे दौरे पड़ने लगे और तब जाकर डॉक्टर, एडवर्ड और शेरॉन की बीमारी का सही पता लगा पाए. शेरॉन के बच्चों के इतिहास की गहन जाँच के बाद डॉक्टरों को पता लगा कि एडवर्ड लेज़ बीमारी से पीड़ित थे.

लेज़ वो बीमारी होती है जिसमें केंद्रीय तंत्रिका तंत्र काम करना बंद कर देती है और ये बीमारी उन मांओं से बच्चों में आती है जिन्हें मिटोकॉन्ड्रिया होता है.

मिटोकॉन्ड्रिया कोशिकाओं का एक ऐसा केंद्र होता है, जो शरीर में स्थित कोशिकाओं को ऊर्जा देता है.

डॉक्टरों का कहना था कि एडवर्ड लंबे समय तक ठीक रहेगा, लेकिन उसके बाद उनके स्वास्थ्य में तेज़ी से गिरावट आ सकती है.

जीने की चाह

Image caption जांच में पाया गया कि एडवर्ड लेज़ बीमारी से पीड़ित थे

शेरॉन का कहना था, ''बहुत मुश्किल होता है जब आप अपना परिवार शुरू करना चाहते है और आपका एडवर्ड जैसा बेटा हो जाए. आप ये सोचना ही शुरु करते हैं कि आपके सपने पूरे हो रहे हैं और आपको कोई बताता है कि किसी भी वक्त आपका बच्चा मर सकता है.''

शेरॉन बताती है कि डॉक्टर ने उन्हें और उनके पति नील बर्नाडी को कहा कि उनका बेटा पांच साल की उम्र पूरी होने से पहले ही मर जाएगा.

लेकिन ये परिवार आखिर तक इस बीमारी से लड़ता रहा और इस साल के अंत में 21 साल की उम्र में एडवर्ड ने दम तोड़ दिया.

शेरॉन और नील लागातार ये कोशिश करते रहे कि उन्हें स्वस्थ बच्चा हो लेकिन वो असफल रहे.

इस दंपति के बाद में तीन बच्चे हुए लेकिन केवल वो दो साल तक ही जीवित रहे.

शेरॉन कहती है कि लोग मुझ से सवाल पूछते है कि एडवर्ड के बारे में क्या अलग था. ये कैसे संभव हुआ कि वो इतने लंबे समय तक के लिए जीवित रहे और मेरा जवाब होता कि उसने कभी भी जीने की चाह नहीं छोड़ी थी.

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