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शनिवार, 03 मई, 2008 को 17:20 GMT तक के समाचार
 
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उस कोठरी में साँस लेना भी दूभर है
 
मकान की तलाशी करते पुलिस अधिकारी
जाँच अधिकारियों का कहना है कि तहख़ाने में साँस लेना भी दूभर है
ऑस्ट्रिया के पुलिस प्रमुख फ्रेंज़ पोल्ज़र का कहना है कि जिस तहख़ाने में एक पिता पर अपनी बेटी को 24 साल तक बंद रखने का आरोप है वहाँ जाँच-पड़ताल करना बेहद मुश्किल काम है क्योंकि उसमें साँस लेना भी दूभर है.

समाचार एजेंसी एपी ने पुलिस अधिकारियों के हवाले से ख़बर दी है कि जाँच अधिकारी विशेष उपकरण पहनकर भी उस तहख़ाने में सिर्फ़ एक घंटे तक ही रुक सकते हैं क्योंकि वहाँ कोई खिड़की नहीं है और न ही ताज़ा हवा आने का कोई और ज़रिया.

पुलिस का कहना है कि 73 वर्षीय जोज़ेफ़ एफ़ ने अपनी बेटी एलिज़ाबेथ को इसी तहख़ाने में क़रीब 24 साल तक क़ैद रखा और उससे सात बच्चे पैदा किए जिनमें से एक की पैदा होने के कुछ ही दिनों बाद मौत हो गई थी.

पुलिस का यह भी कहना है कि इन बच्चों में से तीन ने तो उस तहख़ाने से बाहर की दुनिया यानी दिन की रौशनी बिल्कुल देखी ही नहीं.

जोज़ेफ़ एफ़ फिलहाल पुलिस की हिरासत में है और पुलिस के अनुसार उन्होंने एक लिखित बयान में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है लेकिन उसके आगे किसी भी सवाल का जवाब देने से इनकार कर रहे हैं.

हालाँकि पुलिस तहख़ाने में गुज़रे एलिज़ाबेथ 24 साल के बारे में ज़्यादा से ज़्यादा जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही. साथ ही पुलिस की यह भी कोशिश है कि जोज़ेफ़ एफ़ के जीवन और चरित्र के बारे में भी और ज़्यादा जानकारी मिल सके.

गैस का ख़तरा

जाँचकर्ताओं का कहना है कि उन्हें दो ऐसे दरवाज़े मिले हैं जो मज़बूत सीमेंट से बने हुए हैं और बहुत भारी हैं, उन्हें सिर्फ़ रमोट कंट्रोल से ही खोला जा सकता है.

ताज़ा हवा नहीं आती...
 इन दरवाज़ों को तो खोल दिया गया है लेकिन हम इस तहख़ाने में ताज़ा हवा पाने का कोई और तरीक़ा निकालने की भी कोशिश कर रहे हैं क्योंकि इस जेल में हालत बहुत ख़राब है.
 
ऑस्ट्रिया के पुलिस अधिकारी

पुलिस अधिकारी फ्रेंज़ पोल्ज़र ने समाचार एजेंसी एपी से कहा, "इन दरवाज़ों को तो खोल दिया गया है लेकिन हम इस तहख़ाने में ताज़ा हवा पाने का कोई और तरीक़ा निकालने की भी कोशिश कर रहे हैं क्योंकि इस जेल में हालत बहुत ख़राब है."

पुलिस प्रमुख ने कहा, "जाँच अधिकारी इस तहख़ाने में एक बारे में एक घंटे से ज़्यादा समय तक नहीं रुक सकते और इस छोटी सी अवधि में अलग-अलग दल ज़्यादा से ज़्यादा जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं."

पुलिस का कहना है कि जोज़ेफ़ एफ़ ने उस तहख़ाने में रखी गई अपनी बेटी और उससे पैदा किए बच्चों को यह डराकर ख़ामोश रखा कि अगर ख़ुद उसे कुछ हो जाता है तो उस तहख़ाने में गैस भर जाएगी.

अब तकनीशियन यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह सिर्फ़ एक धमकी भर थी या फिर उस तहख़ाने में गैस भरने का कोई तरीका बनाया गया था.

पुलिस का अनुमान है कि उस तहख़ाने में जाँच-पड़ताल में कई सप्ताह का समय लग सकता है और यह काम बहुत बड़ा और थकाने वाला है.

बाहर की दुनिया

ये मामला तब सामने आया जब बच्चों में से एक उन्नीस वर्षीय कर्स्टिन एफ़ बीमार पड़ गई और उसे हस्पताल ले जाना पड़ा.

ये मामला तब सामने आया जब ख़राब तबियत की वजह से 19 वर्षीय बेटी कर्स्टन एफ़ को इलाज के लिए एमस्टेटन अस्पताल ले जाना पड़ा.

तबियत बिगड़ती देख डॉक्टरों ने कर्स्टन की माँ एलिज़ाबेथ एफ़ से बातचीत की इच्छा ज़ाहिर की ताकि पता लगाया जा सके कि इससे पहले कर्स्टन को इस तरह की कोई बीमारी हुई है या नहीं.

ऑस्ट्रिया का वह मकान जहां 73 वर्षीय जोज़ेफ़ एफ़ पर अपनी बेटी को 24 वर्ष तक कथित तौर पर छिपाने का आरोप है
पुलिस का कहना है कि इस घर के तहख़ाने में ताज़ा हवा नहीं आती

जोज़ेफ़ एफ़ ने फिर कथित रूप से एलिज़ाबेथ को तहखाने से बाहर निकाला.

अभी ये साफ़ नहीं हो पाया है कि पुलिस को इस मामले के बारे में कैसे पता चला.

पुलिस प्रवक्ता फ़्रैंज़ पोल्ज़र ने बताया कि एलिज़ाबेथ को किसी सुरक्षित जगह ले जाया गया है जहाँ उनका इलाज चल रहा है.

पुलिस ने बताया कि एलिज़ाबेथ मानसिक रूप से काफ़ी परेशान हैं. उन्होंने पुलिस से बातचीत करना तभी स्वीकार किया जब उन्हें भरोसा दिलाया गया कि उनके पिता अब उनसे कभी नहीं मिलेंगे और उनके बच्चे सुरक्षित हैं.

एलिज़ाबेथ के छह बच्चों की उम्र पाँच से बीस वर्ष के बीच है.

एक बच्चे की मृत्यु

पुलिस की तरफ़ से कहा गया है कि एलिज़ाबेथ ने उन्हें पूरी घटना के बारे में बताया है. पुलिस के अनुसार जब एलिज़ाबेथ की उम्र 11 वर्ष थी, तभी से वे अपने पिता जोज़ेफ़ एफ़ के हाथों कथित रूप से यौन उत्पीड़न का शिकार होने लगी थीं.

जोज़ेफ़ एफ़
पुलिस के अनुसार जोज़ेफ़ ने कथित रूप से अपना अपराध स्वीकार कर लिया है

एक समय जोज़ेफ़ कथित रूप से एलिज़ाबेथ को अपने घर के तहखाने में ले गए जहाँ एलिज़ाबेथ के हाथों में बेड़ियां डाल दी गईं.

तकरीबन 24 वर्ष तक एलिज़ाबेथ इसी तहखाने में रहीं. इस दौरान एलिज़ाबेथ ने सात बच्चों को जन्म दिया, जिनमें से एक की मृत्यु पैदा होने के तुरंत बाद हो गई.

जोज़ेफ़ कथित रूप से इस बच्चे को बाहर ले गए और जला दिया.

पुलिस के अनुसार जोज़ेफ़ की पत्नी रोज़मेरी को इस मामले के बारे में कभी कुछ पता नहीं चला.

ये कहानी वर्ष 2006 की एक अन्य कहानी की तरह ही है जिसमें एक और ऑस्ट्रियाई महिला नताशा कंपूश को एक व्यक्ति ने आठ वर्ष तक बंदी बनाकर रखा.

नताशा कंपूश आख़िरकार भागने में सफ़ल रहीं, जिसके बाद उन्हें बंदी बनाने वाले 44 वर्षीय वोल्फ़गैंग प्रिकलोपिल ने आत्महत्या कर ली.

नताशा कंपूश को वर्ष 1998 में बंदी बनाया गया था जब वे मात्र 10 वर्ष की थीं.

 
 
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