भ्रष्टाचार मामले में रहमान मलिक को राहत नहीं

रहमान मलिक

पाकिस्तान की एक अदालत ने भ्रष्टाचार निरोधक अदालत की ओर से दी जाने वाली सज़ा के ख़िलाफ़ गृह मंत्री रहमान मलिक की याचिकाओं को ख़ारिज कर दिया है.

लाहौर हाई कोर्ट के मुख्य न्यायधीश जस्टिस ख़्वाजा मोहम्मद शरीफ़ और जस्टिस मंज़ूर मलिक की दो सदस्यीय खंडपीठ ने इस याचिकाओं पर फ़ैसला कुछ दिन पहले सुरक्षित कर लिया था.

अदालत ने सोमवार को सुनवाई के दौरान रहमान मलिक की याचिकाओं पर फैसला सुना दिया.

ग़ौरतलब है कि गृह मंत्री रहमान मलिक ने दो अलग अलग मुक़दमों में भ्रष्टाचार निरोधक अदालत में याचिकाएँ दायर की थीं और अदालत से आग्रह किया था कि उनको दी जाने वाली सज़ाओं को ख़त्म किया जाए क्योंकि ये सज़ाएँ उनकी ग़ैरमौजूदगी में दी गई थीं.

रावलपिंडी की भ्रष्टचार अदालत ने रहमान मलिक को तीन तीन साल क़ैद की सज़ा सुनाई थी.

क़ानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत के इस फ़ैसले से उस मुक़दमों में रहमान मलिक की ज़मानत भी ख़ारिज हो गई हैं.

रहमान मलिक पर आरोप हैं कि जब वे संघीय जांच एजेंसी के अतिरिक्त निदेशक थे तब उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया और भ्रष्टाचार के मामलों में लिप्त रहे.

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