रहमान मलिक की सज़ा माफ़

रहमान मलिक
Image caption राष्ट्रपति ज़रदारी ने रहमान मलिक की सज़ाएं माफ़ कर दीं हैं

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने गृह मंत्री रहमान मलिक की सज़ाएं माफ़ कर दीं हैं. इससे पहले सोमवार को भ्रष्टाचार निरोधक अदालत की ओर से दी जाने वाली सज़ा के ख़िलाफ़ गृह मंत्री रहमान मलिक की याचिकाओं को ख़ारिज कर दिया था.

ग़ौरतलब है कि गृह मंत्री रहमान मलिक ने दो अलग अलग मुक़दमों में भ्रष्टाचार निरोधक अदालत में याचिकाएँ दायर की थीं.

मलिक ने अदालत से आग्रह किया था कि उनको दी जाने वाली सज़ाओं को ख़त्म किया जाए क्योंकि ये सज़ाएँ उनकी ग़ैरमौजूदगी में दी गई थीं.

राष्ट्रपति भवन के प्रवक्ता फ़रहतुल्ला बाबर ने कहा है कि प्रधानमंत्री युसूफ़ रज़ा गिलानी की सिफ़ारिश पर राष्ट्रपति ज़रदारी ने अपने अधिकारों का प्रयोग कर संविधान की धारा 45 के अधीन मलिक की सज़ा माफ़ कर दी हैं.

पाकिस्तान के संविधान की धारा 45 के तहत राष्ट्रपति के पास अदालत के किसी भी फ़ैसले को स्थगित या समाप्त करने का अधिकार है.

अदालत

लाहौर हाई कोर्ट के मुख्य न्यायधीश जस्टिस ख़्वाजा मोहम्मद शरीफ़ और जस्टिस मंज़ूर मलिक की दो सदस्यीय खंडपीठ ने इस याचिकाओं पर फ़ैसला कुछ दिन पहले सुरक्षित कर लिया था.

रावलपिंडी की भ्रष्टाचार अदालत ने रहमान मलिक को तीन तीन साल क़ैद की सज़ा सुनाई थी.

रहमान मलिक पर आरोप हैं कि जब वे संघीय जांच एजेंसी के अतिरिक्त निदेशक थे तब उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया और भ्रष्टाचार के मामलों में लिप्त रहे.

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