धर्म के नाम पर पैसा जमा करते संगठन

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पाकिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि पंजाब प्रांत में 17 प्रतिबंधित चरमपंथी संगठन धार्मिक सभाओं अथवा कल्याणकारी कार्यों के नाम पर चंदा वसूल रहे हैं.

गृह मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि ये संगठन पंजाब के जिन शहरों और क़स्बों में मौजूद हैं उनमें रावलपिंडी, चकवाल, पिंड दादन ख़ान, मंडी बहाऊद्दीन, अटक, खारियाँ, फ़ैसलाबाद और गुजरांवाला शामिल हैं.

गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बीबीसी को बताया कि इस रिपोर्ट में कहा गया है कि उन 17 प्रतिबंधित संगठनों में सब से ज़्यादा सक्रिय ग़ाज़ी फोर्स नामक संगठन है जिनकी गतिविधियाँ विभिन्न इलाक़ों में जारी हैं.

यह संगठन 2007 में लाल मस्जिद घटनाक्रम के बाद सामने आया था.

सूत्रों के अनुसार इस संगठन का संपर्क तालिबान विद्रोहियों के साथ है और चरमपंथ की अधिकतर घटनाओं में इन दोनों दलों के कार्यकर्ता लिप्त हैं.

पंजाब प्रांत में शरण

रिपोर्ट के मुताबिक़ दक्षिण वज़ीरिस्तान और दूसरे क़बायली इलाक़ों में चरमपंथियों के ख़िलाफ सैन्य अभियान की वजह से वहाँ से बड़ी संख्या में चरमपंथियों ने पंजाब के शहरों में शरण ली है.

अधिकारियों का कहना है कि प्रतिबंधित संगठनों के लोग इन शहरों में परिस्थितियों को देख कर वहाँ अपनी गतिविधियाँ जारी रखे हुए हैं.

अधिकारियों का यह भी कहना है कि इन संगठनों के लोग सिंध प्रांत के विभिन्न इलाक़ों में अपना नेटवर्क स्थापित करने के लिए काम कर रहे हैं.

इस रिपोर्ट के अनुसार गृह मंत्रालय ने इस्लामाबाद सहित चारों प्रांतों को आदेश दिया है कि इन संगठनों के ख़िलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.

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