पाक को लेकर म्यूलन ने चिंता जताई

माइक म्यूलन
Image caption आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में पाकिस्तान अमरीका का अहम साझीदार है

शीर्ष अमरीकी सैन्य अधिकारी एडमिरल माइक म्यूलन ने कहा है कि वे पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी और चरमपंथी संगठनों के बीच संबंधों को लेकर चिंतित हैं.

उन्होंने कहा कि लश्कर-ए-तैबा सहित अन्य चरमपंथी संगठनों पर कार्रवाई के लिए पाकिस्तान पर अमरीका का 'असाधारण दबाव' है.

अमरीकी सैन्य अधिकारी का कहना था, "इन संगठनों पर कार्रवाई के लिए अमरीका असाधारण दबाव डाल रहा है."

अमरीकी सेना के प्रमुख माइक म्यूलन इस समय पाकिस्तान में शीर्ष अधिकारियों से मुलाक़ात कर रहे हैं. संभावना है कि वे प्रशासन पर इन संगठनों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए दबाव बनाएँगे.

मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों में भूमिका को लेकर लश्कर-ए-तैबा के प्रमुख हाफ़िज़ सईद पर कार्रवाई न करने के भारत की चिंता पर उन्होंने कहा कि अमरीका जितना कर सकता है उतना कर रहा है.

अपने दिल्ली दौरे के दौरान एक निजी टेलीविज़न चैनल 'टाइम्स नाउ' से हुई बातचीत में उन्होंने कहा, "मैंने देखा है कि पाकिस्तानी नेता भी इसे महसूस करते हैं और पिछले दो वर्षों में उन्होंने इस दिशा में महत्वपूर्ण क़दम उठाए हैं."

म्यूलन ने कहा कि अमरीकी नतृत्व लश्कर-ए-तैबा सहित सभी चरमपंथी गुटों और पाकिस्तान की सीमा में मौजूद अफ़ग़ानिस्तान के तालिबान के मसले पर ध्यान केंद्रित कर रहा है.

'आसान नहीं'

उन्होंने कहा, "यह एक कठिन समस्या है और इसका कोई आसान हल नहीं है."

इस सवाल पर कि यदि चीन और पाकिस्तान भारत के ख़िलाफ़ एकजुट हो जाते हैं तो क्या अमरीका भारत के साथ खड़ा होगा, उन्होंने कहा कि दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच आर्थिक, सैन्य और सुरक्षा की दृष्टि से रिश्ते बहुत मज़बूत हैं.

उन्होंने कहा, "निश्चित तौर पर मैं अपेक्षा करता हूँ कि किसी भी संकट की स्थित में यह रिश्ता बहुत मज़बूत रहेगा."

अफ़ग़ानिस्तान के विकास कार्यों में भारत की भूमिका के बारे में अमरीकी सैन्य प्रमुख ने कहा कि हालांकि भारत अफ़ग़ानिस्तान की रणनीति का सीधा हिस्सा नहीं है, लेकिन जो भारत कर रहा है वह बहुत महत्वपूर्ण और क्षेत्रीय दृष्टि से अहम है.

एडमिरल म्यूलन की मुलाक़ात राजनीतिक नेतृत्व के अलावा पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कियानी से भी होनी है.

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