'सद्दाम की तरह, मेरे बारे भी झूठ कहा'

विकीलीक्स
Image caption विकीलीक्स पर अपने बारे में ज़िक्र को झूठ बताया हामिद गुल ने.

पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी इंटर सर्विसेज़ इंटेलिजेंस के पूर्व प्रमुख हामिद गुल ने कहा है कि एक वेबसाइट पर लीक हुए गुप्त अमरीकी दस्तावेज़ों में उनके बारे में दी गई सारी जानकारी झूठी है.

अफ़गानिस्तान युद्ध से जुड़े लीक हुए दस्तावेज़ों में हामिद गुल का नाम कई बार आया है.

लीक हुए दस्तावेज़ विकीलीक्स वेबसाइट पर प्रकाशित हुए हैं और उनमें अफ़ग़ानिस्तान में जारी लड़ाई के बारे में विस्तृत जानकारी है. इसमें ऐसी मौतों के बारे में भी बताया गया है जिनके बारे में अब तक जानकारी नहीं थी. विकीलीक्स ने सूत्र बताने से मना कर दिया है.

हामिद गुल ने दस्तावेज़ों में उनके बारे में की गई टिप्पणियों को झूठ क़रार दिया है.

पाकिस्तानी टीवी चैनल जिओ को दिए एक साक्षात्कार में हामिद गुल ने कहा, “ये झूठ है. ये वैसा ही झूठ है जैसा सद्दाम हुसैन के बारे में कहा गया. मुझे आईएसआई से रिटायर हुए 21 से अधिक साल हो गए हैं. ये आईएसआई और पाकिस्तानी सेना पर अभियोग है."

पाकिस्तान पर दवाब डालने की कोशिश

हामिद गुल ने कहा कि ये रिपोर्ट 2004 से 2009 तक की है.

उन्होंने कहा, "इस दौरान जनरल कियानी और अहमद शुजा पाशा आईएसआई के प्रमुख रहे हैं. इसका अर्थ है कि ये रिपोर्ट इन दोनों के ख़िलाफ़ है. ये रिपोर्ट ऐसे वक्त आई है जब अमरीकी कह रहे हैं कि अफ़गानिस्तान में जंग पाकिस्तान की सहायता के बिना नहीं जीती जा सकती. लेकिन इसके बाद वो पाकिस्तान से कैसे सहायता लेंगे?"

हामिद गुल ने इस बात से भी इंकार किया कि उन्होंने अल-क़ायदा और तालिबान के प्रतिनिधियों के साथ वाना में कोई बैठक की थी.

लीक हुए दस्तावेज़ों में कहा गया है कि कथित रूप से दिसंबर 2006 में विद्रोहियों और पूर्व आईएसआई प्रमुख हामिद गुल के बीच मुलाक़ात हुई थी जिसमें कथित रूप से उन्होंने तीन लोग काबुल भेजे थे ताकि हमले किए जा सकें.

गुल ने कहा, “बिल्कुल नहीं, क्या कोई इस बात को साबित कर सकता है? ये बिल्कुल ग़लत है. मैं वाना में सिर्फ़ 1985 में गया था. ज़ाहिर है ये बहुत पुरानी बात है. उसके बाद मैं उस इलाक़े से कभी नहीं गुज़रा हूं.”

इन दस्तावेज़ों के सामने आने के मक़सद के बारे हामिद गुल ने जिओ टीवी को बताया, “अमरीकी चाहते हैं कि हम उत्तरी वज़ीरिस्तान में अपनी सेनाएं भेंजें. ये संभव नहीं है क्योंकि भारत सीमित युद्ध की धमकी दे रहा है. पाकिस्तान पहले ही पूर्वी क्षेत्र से डेढ़ लाख सैनिकों को हटा चुका है. अमरीकी चाहते हैं कि हम सेना को पूर्वी सीमा पर ले जाएं ताकि भारत सहज हो जाए. ये सब पाकिस्तान पर दवाब डालने के लिए है.”

हामिद गुल 1987 से लेकर 1989 तक आईएसआई के महानिदेशक रहे हैं. ये वो समय था जब अमरीका अफ़ागानिस्तान में सोवियत संघ के ख़िलाफ़ मुजाहिदीन का साथ दे रहा था.

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