मृतकों की संख्या 1500, खाद्य सामग्री की किल्लत

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि पाकिस्तान में आई बाढ़ से तीस लाख लोग प्रभावित हुए हैं और 1500 लोग मारे गए हैं.

बहुत से लोग इस बात से ख़ासे नाराज़ हैं कि उन्हें मदद नहीं मिल पा रही है. लेकिन सैन्य प्रवक्ता मेजर जनरल अथर अब्बास ने बीबीसी को बताया है कि पचास हज़ार सैनिक उन दुर्गम इलाक़ों तक पहुँच गए हैं जहाँ मदद की ज़रूरत है.

बाढ़ प्रभावित लोगों को खाने, दवा, पानी और रहने की जगह की सख़्त ज़रूरत है और कई जगह महामारी फैलने का ख़तरा बना हुआ है.

स्वात में मौजूद बीबीसी संवाददाता हफ़ीज़ चाचड़ का कहना है कि स्वात और उसके आस पास के इलाक़ों में 30 हज़ार के करीब घर तबाह हो गए हैं, करीब 200 लोग मारे गए हैं और 35 के करीब पुल टूट गए हैं.

2009 में तालिबान के ख़िलाफ़ अभियान के बाद वहाँ पुनर्निमाण का काम चल रहा था.

मालाकंड और चकदरा के बीच संपर्क भी टूट गया. इस वजह से चकदरा, लोयर दीर और अपर दीर के इलाक़ों में खाने पीने की वस्तुओं की कमी गई है.

बीबीसी संवाददाता हफ़ीज़ चाचड़ के मुताबिक जिस तरह कोसी नदी ने बिहार राज्य में तबाही मचाई थी इसी तरह स्वात और उस के आस पास के इलाक़ों में स्वात नदीं का प्रकोप जारी है.

मदद की ज़रूरत

राहत और बचाव के काम में लगे दलों को पानी में फँसे हज़ारों लोगों तक पहुंचने में ख़ासी दिक्कत हो रही है.

नौशेरा में एक बाढ़ प्रभावित व्यक्ति ने एपी को बताया, "हमें टेंट चाहिए. पहनने के लिए मेरे पास सिर्फ़ ये कमीज़ है. बाकी सब दफ़न हो गया."

हालांकि कुछ इलाक़ों में पानी का स्तर कम हो रहा है लेकिन कई इलाक़े अब भी पूरी तरह बाक़ी देश से कटे हुए हैं. पिछले 80 वर्षों में पाकिस्तान में आई ये सबसे भीषण बाढ़ है.

सरकार के मुताबिक करीब 27 हज़ार लोग फँसे हुए हैं और मदद का इंतज़ार कर रहे हैं.

मंगलवार को कुछ इलाक़ों में दोबारा बारिश हुए जिस कारण राहत कार्य कुछ धीमा पड़ गया. बाढ़ के बाद सरकार की प्रतिक्रिया को लेकर आलोचना के स्वर तेज़ होते जा रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम ( डब्ल्यूएफ़पी) का कहना है कि उसने सोमवार तक पाकिस्तान में 42 हज़ार लोगों तक खाना पहुँचाया है और हफ़्ते के अंत तक वो दो लाख 50 हज़ार लोगों तक मदद पहुँचाएगी.

लेकिन डब्ल्यूएफ़पी प्रवक्ता इमिलिया कसेला का कहना है कि करीब 18 लाख लोगों को खाने की ज़रूरत है.

मंगलवार को व्हाइट हाउस ने एक बयान जारी कर कहा है कि वो संकट की इस घड़ी में पाकिस्तान की मदद करेगा.

ख़ैबर पख़्तूनख़्वा में राहत कार्यों में लगे अदनान खान ने रॉयटर्स को बताया कि 50 वर्षों के दौरान खड़ा किया गया आधारभूत ढाँचा नष्ट हो गया है.

पाकिस्तान में मौजूद बीबीसी संवाददाता लिज़ डूसेट का कहना है कि बाढ़ से निपटना किसी भी देश के लिए बड़ी चुनौती है, ख़ासकर पाकिस्तान के लिए जो पहले से ही आर्थिक मुश्किलों और तालिबान से जूझ रहा है.

पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में सूबा सरहद और पंजाब और सिंध में बारिश होती रहेगी.

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