स्वात में बाढ़ से भारी तबाही

स्वात और उसके आसपास के इलाक़ों में बाढ़ कई लोग प्रभावित हुए हैं और लगभग 30 हज़ार घर तबाह हो गए हैं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ के कारण अब तक लगभग 200 लोग मारे गए हैं और 35 के क़रीब पुल टूट गए हैं.

जिस तरह कोसी नदी ने बिहार राज्य में तबाही मचाई थी इसी तरह स्वात और उसके आसपास के इलाक़ों में स्वात नदी का प्रकोप जारी है.

मालाकंड और चकदरा के बीच संपर्क भी टूट गया और जिसकी वजह से चकदरा, लोअर दीर और अपर दीर के इलाक़ों में खाने पीने की वस्तुओं का आभाव हो गया है.

ज़िले दीर के लोग कई घंटों की पैदल यात्रा कर और स्वात नदी पार कर बटखेला पहुँच रहे हैं और बाढ़ में फँसे अपने परिजनों के लिए खाद्य पदार्थ ले जा रहे हैं.

प्रशासन के स्वात नदी पर एक अस्थाई पुल बनाया है जिस पर एक वक्त में केवल 10 से 15 लोगों के पार करने की क्षमता है.

चकदरा के स्थान पर ज़िला लोअर दीर और ज़िला अपर दीर के निवासी नदी पार करने के इंतज़ार में थे और उसमें कुछ महिलाएँ और बच्चे भी थे.

गंभीर स्थिति

मालाकंड और आसपास के इलाक़ों में मंगलवार को भारी वर्षा हुई और स्वात नदी पार करने वाले बाढ़ प्रभावित लोग कई घंटों तक बारिश में भीगते रहे.

Image caption स्वात और उसके आसपास के इलाक़ों में स्वात नदी का प्रकोप जारी है

चदरा के निवासी रहीम ख़ान ने बीबीसी को बताया, “स्वात नदी में आई बाढ़ ने बड़े स्तर पर तबाही मचाई है और इलाक़े को लोगों का दूसरे शहरों से संपर्क टूट गया है.”

उन्होंने बताया, “बाढ़ के कारण नदी का पुल टूट गया है लेकिन सेना और सरकार ने अभी तक कोई क़दम नहीं उठाया है इसलिए स्थानीय लोग सरकार और सेना की आलोचना कर रहे हैं.”

ज़िला लोअर दीर के इलाक़े ख़ादगज़ई के रहने वाले इस्लाम बाचा ने बताया कि उनकी माँ बीमार हैं और वे उनके लिए दवाइयाँ लेने के लिए सुबह तड़के दो बजे घर में निकले थे और दोपहर को ले कर वापस जा रहे हैं.

उन्होंने जानकारी दी कि अस्थाई पुल से बाढ़ प्रभावित लोगों को काफ़ी दिक्कतें हो रही हैं.

28 और 29 जुलाई को आई बाढ़ ने स्वात में व्यापक नुक़सान किया है और बाढ़ ने करीब 10 हज़ार घरों और 30 स्कूलों को डुबो दिया है.

स्वात, मटा, ख़्वाज़ ख़ेला, कांजू कबल और अन्य इलाक़ों में पुल ढह गए हैं और लोग अपने घरों तक सीमित हो कर रह गए हैं.

ज़िला स्वात के सैदू शरीफ़ इलाक़े के रहने वाले गुल नवाज़ ख़ान जिनका घर बाढ़ के कारण तबाह हो गया है, उन्होंने बीबीसी को बताया, “मेरा सब कुछ तबाह हो गया है और सरकार ने अभी तक कोई सहायता नहीं की है.”

उन्होंने बताया, “सरकार पर ग़ुस्सा न करें तो क्या करें, बच्चे भूख से मर रहे हैं और पीने का पानी नहीं मिल रहा है और खाने की भी व्यवस्था नहीं है.”

स्वात में एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने बताया कि स्वात और उसके आपपास के इलाकों में भारी तबाही हुई है और इन इलाक़ों की बहाली में कुछ समय लगेगा.

दूसरी ओर भारी बारिश और बाढ़ के कारण स्वात और मेंगोरा में बिजली और संचार तंत्र अस्तव्यस्त हो गया है.

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