पाकिस्तान में भारी बारिश से राहत बाधित

Image caption पानी बढ़ने की आशंका से लाखों लोगों को घर छोड़ दूसरी जगह शरण लेने के निर्देश दिए गए हैं

पाकिस्तान में भारी बारिश से बाढ़ प्रभावित लगभग डेढ़ करोड़ लोगों के लिए राहत की व्यवस्था करने में गंभीर बाधा आ रही है.

पश्चिमोत्तर पाकिस्तान में राहत और बचाव कार्य में जुटे हेलिकॉप्टरों को रोक लिया गया है और दक्षिणी पाकिस्तान में रेड एलर्ट जारी कर दिया गया है.

सिंध प्रांत में एक बाँध टूट गया है और इंजीनियरों ने चेतावनी दी है कि दुनिया के सबसे बड़े बाँधों में गिने जानेवाले - तरबेला और मंगला बाँध - में भी पानी अपने उच्चतम स्तर तक भर गया है जिससे स्थिति ख़तरनाक हो गई है.

पाकिस्तान में पिछले 80 साल में आई सबसे गंभीर बाढ़ से कम-से-कम 1600 लोग मारे जा चुके हैं.

पाकिस्तान के मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सिंध में और दो दिन तक बारिश हो सकती है.

अधिकारियों ने वहाँ घोषित कर दिया है कि प्रांत में गंभीर बाढ़ आ सकती है.

बाढ़ से पहले से ही प्रभावित पश्चिमोत्तर प्रांत ख़ैबर-पख़्तूनख़्वा में भी और बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया जा रहा है.

पाकिस्तान में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि जिन स्थानों पर बाढ़ का पानी घटा था, वहाँ फिर से पानी भर गया है और जो सड़कें खोल दी गई थीं, उन्हें दोबारा बंद कर दिया गया है.

राहत कार्य

Image caption जिन क्षेत्रों में पानी घटा था वहाँ दोबारा पानी भरने की ख़बर मिल रही है

अंतरराष्ट्रीय मदद पहुँचने लगी है लेकिन प्रभावित लोगों की संख्या के एक करोड़ 40 लाख तक पहुँच जाने और इसके और बढ़ने की आशंका को देखते हुए और मदद की आवश्यकता है.

संयुक्त राष्ट्र की संस्था विश्व खाद्य कार्यक्रम के एक प्रवक्ता अमजद जमाल ने कहा,"हालात बदतर होते जा रहे हैं. बारिश फिर हो रही है जिससे हमारे राहत कार्य में बाधा आ रही है."

ख़राब मौसम के कारण हेलिकॉप्टरों की सहायता लेनी बंद की जा रही है जो कि राहत कार्य में बेहद महत्वपूर्ण साधन हैं क्योंकि बाढ़ से अधिकतर पुल नष्ट होने से प्रभावित क्षेत्रों से संपर्क कट गया है.

स्वात घाटी में ही 29 पुल बह गए हैं.

स्वात के बारे में ख़ैबर-पख़्तूनख़्वा के एक अधिकारी अदनान अहमद ने कहा,”स्थिति बेहद ख़राब है, हमने निचले क्षेत्रों के लोगों से अपने घरों को ख़ाली करने का निर्देश दिया है क्योंकि नदी में पानी और बढ़ रहा है.“

बाढ़

पाकिस्तान में इस साल के मानसून में बाढ़ सबसे पहले पश्चिमोत्तर इलाक़े में आई.

लेकिन धीरे-धीरे इसका दायरा बढ़ता गया और अब सिंधु नदी और उसकी शाखाओं के इर्द-गिर्द के इलाक़ों में कोई 1000 किलोमीटर का इलाक़ा बाढ़ की चपेट में आ गया है.

पड़ोसी देश अफ़ग़ानिस्तान में भी भारी बारिश हो रही है जिससे काबुल नदी में भी पानी बढ़ने की आशंका है जो कि उत्तरी पाकिस्तान में बहती है.

बाढ़ का पानी अब दक्षिणी पाकिस्तान के इलाक़ों में फैल रहा है और अधिकारियों ने सिंधु नदी के आस-पास के सैकड़ों गाँवों से पाँच लाख से भी अधिक लोगों को बाहर निकाल लिया है.

अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ से अभी तक साढ़े छह लाख घर नष्ट हो चुके हैं और 14 लाख एकड़ की कृषिभूमि जलमग्न हो चुकी है.

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