बाढ़ के और गंभीर होने की चेतावनी

मॉनसून का मानचित्र (नासा की तस्वीर)
Image caption एशिया में मॉनसून ने कोरिया, चीन, भारत और पाकिस्तान सहित कई देशों क़हर बरपाया है. नीले रंग में दिख रहे क्षेत्र विशेषतौर पर भारी बारिश के बाद भीषण बाढ़ की चपेट में आए हैं.

पाकिस्तान के आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बाढ़ की स्थिति और ख़तरनाक रूप ले सकती है.

शुक्रवार और अगले हफ़्ते की शुरुआत में बाढ़ के पानी का स्तर बढ़ सकता है जिसका ख़तरा सबसे ज़्यादा पंजाब और सिंध प्रांतों में होगा जहाँ सिंधु नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है. अधिकारियों का कहना है कि वहाँ जलस्तर पहले से ही बहुत बढ़ा हुआ है.

पाकिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा है कि सिंधु नदी में दो जगहों पर पानी का स्तर अधिकतम होने की आशंका है.

बाढ़ की वजह से सिंधु नदी 18 मील चौड़ी हो चुकी है.

आपदा प्रबंधन विभाग के प्रवक्ता ने कहा है कि संकेत मिल रहे हैं कि अब बाढ़ से और भी ज़्यादा तबाही होने की आशंका है.

अभी तक अनुमान लगाया गया था कि बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या लगभग एक करोड़ 40 लाख हो चुकी है.

इस नई चेतावनी के बाद अधिकारियों ने आशंका जताई है कि बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या अब इससे भी ज़्यादा बढ़ सकती है.

मलेरिया का ख़तरा

दक्षिणी पंजाब के राहत कैंप में डॉक्टरों ने बीबीसी को बताया कि उन्हें इस बात की चिंता सता रही है कि बाढ़ से मलेरिया होने का ख़तरा दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है.

डायरिया, गैस्ट्रोइंटराइटिस और त्वचा के रोग पहले से ही वहाँ फैल रहे हैं.

पाकिस्तान में दो हफ़्ते पहले आई बाढ़ से ख़ूब तबाही मची है जिससे अब तक 1600 लोगों की मौत हो चुकी है.

बाढ़ से अरबों की फ़सलें तबाह हो गई हैं. प्रांत में दो से तीन अरब डॉलर की फ़सलें तबाह हो गई हैं जिसमें 6.5 लाख एकड़ में लगाई गई कपास, धान, मक्का इत्यादि फ़सलें शामिल हैं.

राहत कार्य के बारे में एक अधिकारी ने कहा है कि जितनी सामग्री पहुँच रही है बाढ़ पीड़ितों की संख्या उससे बहुत अधिक है.

ज़रदारी का वादा

Image caption राष्ट्रपति ज़रदारी ने पीड़ितों को बिना किसी बाधा के मदद पहुँचाने का वादा किया है

पाकिस्तान में जब बाढ़ आई तो राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने अपना ब्रिटेन दौरा रद्द नहीं किया था. इसके लिए उनकी काफ़ी आलोचना भी हुई थी. लौटने के बाद गुरुवार को ज़रदारी ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया.

इस बीच एक अमरीकी जहाज़ के साथ कुछ और हेलिकॉप्टर और नौसैनिकों के पहुँचने से राहत के काम में तेज़ी आई है. प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी और पंजाब के मुख्यमंत्री ने मिलकर ये वादा किया है कि बाढ़ के पीड़ितों को मदद बिना किसी बाधा के मिलती रहेगी.

उधर सयुंक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय दानदाताओं से 45 करोड़ अमरीकी डॉलर की सहायता करने के लिए अपील की है.

यूरोपीय संघ ने बुधवार को तीन करोड़ यूरो की मदद की घोषणा की थी और इसके बाद उसने एक करोड़ यूरो और देने की मदद की है.

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