बाढ़ का क़हर जारी

पाकिस्तान में बाढ़
Image caption बाढ़ से प्रभावित होने वाले लोगों की संख्या दो करोड़ से अधिक बताई जा रही है

पाकिस्तान में जुलाई के अंत में शुरु हुई बाढ़ का विनाश अब भी जारी है और इस से करीब दो करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं.

पंजाब के दक्षिणी इलाक़े अभी भी बाढ़ का प्रकोप झेल रहे हैं और कई लोग पानी में फँसे हुए हैं. मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में पंजाब के दक्षिणी इलाक़ो में भारी बारिश होने की आशंका है.

पश्चिमोत्तर सीमांत प्रांत (ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह) के दूरगामी पहाड़ी इलाक़े कालाम में 29 जुलाई को बादल फटने से इस विनाशकारी बाढ़ का आरंभ हुआ और स्वात नदी में जल स्तर अचानक बढ़ गया.

स्वात नदी में आई बाढ़ ने कालाम, बहरैन और स्वात घाटी में कई घरों को नष्ट कर दिया और नदी के किनारे लगी फसलें भी तबाह हो गई.

बाढ़ के कारण सड़कें बह जाने से और पुल टूटने से स्वात घाटी से सटे कई इलाक़ों का संपर्क टूट गया है और कई लोगों को सेना ने हेलीकॉप्टरों से सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया है.

इन इलाक़ों में स्थिति गंभीर बनी हुई है और खाद्य सामग्री का भारी आभाव हो गया है.

बादल फटने और भारी वर्षा से स्वात और सिंधु नदी में जलस्तर बढ़ गया है और जिससे ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह प्रांत के पेशावर, नौशेरा, चारसदा और डेरा इस्माईल ख़ान ज़िलों के कई गाँव डूब गए हैं.

ख़ैबर पख़्तूवख़्वाह के बाद बाढ़ ने पंजाब का रुख़ किया और दक्षिण पंजाब में कई शहरों और गाँवों को नुक़सान पहुँचा है.

सिंधु नदी ने इस शताब्दी की सबसे बड़ी और विनाशकारी बाढ़ का समना किया है और नदी में जलस्तर बढ़ जाने से दक्षिणी पंजाब के मुल्तान, मुज़्फ़्फ़रगढ़, लय्या, रहीमयार ख़ान और डेरा ग़ाज़ी ख़ान में कई गाँव तबाह हो गए हैं.

बर्बादी

दक्षिण पंजाब के ये वो इलाक़े हैं जहाँ ज़मीन बहुत उपजाऊ है और हज़ारों एकड़ में लगी कपास और दूसरी फसलें तबाह हो गईं हैं.

Image caption बड़ी संख्या में लोग पेट और त्वचा की बीमारियों से प्रभावित हो रहे हैं

इससे पाकिस्तान के कृषि क्षेत्र को भारी नुक़सान हुआ है और केंद्रीय खाद्य मंत्री नज़र मोहम्मद गोंदल के अनुसार अगले साल देश में खाद्य संकट पैदा हो सकता है.

सिंध के उत्तरी ज़िले घोटकी, कशमोर, जेकोबाबाद, सक्खर और शिकारपुर बाढ़ की चपेट में हैं.

सिंध के उत्तरी ज़िले कशमोर और जेकोबाबाद सब से ज़्यादा प्रभावित हुए हैं और वहाँ के कई गाँव और तीन शहर पानी में डूब गए हैं. लाखों लोगों ने सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना शुरु कर दिया है.

सिंध में फसलों को भी भारी नुक़सान पहुँचा है.

संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान के बाढ़ पीढ़ितों के लिए 45 करोड़ 90 लाख डॉलर की साहयता के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से गुहार लगाई है.

राहत एजेंसियों का कहना है कि बाढ़ प्रभावित इलाक़ों में कई लोग बीमारियों में ग्रस्त हो रहे हैं और इस से स्थिति ओर गंभीर हो रही है.

पाकिस्तान सरकार के लिए अब बीमारियों को रोकना सब से बड़ी चुनौती बनी हुई है क्योंकि बड़ी संख्या में लोग पेट और त्वचा की बीमारी का शिकार हो गए है.

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