पाकिस्तान में 12 लाख से अधिक घर बहे

Image caption बेघर हुए लोग अब बीमारियों का सामना कर रहे हैं

पाकिस्तान में बाढ़ के बाद फैल रही बीमारियों की स्थिति चिंताजनक है और स्थिति से निबटने के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में एक अहम बैठक हुई है.

बैठक के बाद पाकिस्तान के सूचना मंत्री क़मर ज़मा कैरा ने बताया, "बाढ़ में अब तक 1542 लोगों की मौत हो चुकी है. घायलों की संख्या 2327 है. कुल 12 लाख 27 हज़ार 858 घर नष्ट हो गए हैं".

बाढ़ प्रभावित इलाक़ों में बड़ी संख्या में लोगों को पेयजल और खाना उपलब्ध नहीं है. साफ़-सफ़ाई तो दूर की बात है.

इन सबके चलते ही पहले ही डायरिया और त्वचा संबंधी संक्रमण पाँव पसार चुके हैं. अधिकारियों की एक चिंता हैज़ा फैलने की आशंका को लेकर भी है.

इसी पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री युसुफ़ रज़ा गिलानी ने आज की बैठक बुलाई थी. बैठक में स्वास्थ्य अधिकारियों के अलावा, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ और स्वास्थ्य क्षेत्र में सक्रिय ग़ैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया.

बैठक के बाद गिलानी एक बयान में कहा कि बाढ़ के कारण देश की महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं में से एक तिहाई और हज़ारों डॉक्टरों को भी विस्थापित होना पड़ा है. ऊपर से चुनौती उन लगभग पाँच लाख महिलाओं को चिकित्सा सुविधा पहुँचाने की है जो कि अगले छह महीनों में माँ बनने वाली है.

सिंध के बाढ़ प्रभावित सक्खर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी हज़ूर बख़्श ने कहा कि बड़ी संख्या में बच्चों को इलाज की ज़रूरत है, "पिछले तीन दिनों के दौरान हमने अस्पताल में पाँच-छह सौ बच्चों का इलाज किया है. अधिकतर बच्चे गैस्ट्रोलॉजिकल और त्वचा संबंधी बीमारियों से पीड़ित थे".

चिंता

विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक प्रवक्ता फ़ादेला चायब ने इस बारे में कहा, "लोगों पर बाढ़ के असर के सही मूल्यांकन के लिए बीमारियों पर निगरानी की व्यवस्था मज़बूत की जानी चाहिए. ज़रूरी दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों के लिए भी पर्याप्त धन की व्यवस्था होनी चाहिए. साथ ही बच्चों के लिए टीकाकरण अभियान में कोई बाधा नहीं पड़नी चाहिए".

इस बीच बाढ़ के नए इलाक़ों में फैलने का ख़तरा टला नहीं है.

अधिकारियों का कहना है कि अगर सिंधु नदी का जलस्तर बढ़ता रहा तो आशंका है कि जल्दी ही शहदादकोट शहर में बाढ़ का पानी घुस सकता है.

जहाँ तक बाढ़ राहत के लिए ज़रूरी धन की बात है तो संयुक्त राष्ट्र ने 46 करोड़ डॉलर के लक्ष्य का 70 प्रतिशत जुटा लिया है.

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष भी आज पाकिस्तान के लिए पहले से ही स्वीकृत 11 अरब डॉलर के ऋण की शर्तों में ढील देने के पाकिस्तान के आग्रह पर विचार करेगा.

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