'एमक्यूएम नेता की लंदन में हत्या'

Image caption इमरान फ़ारूक़ 1999 से ब्रिटेन में रह रहे थे

पाकिस्तान से निर्वासित नेता इमरान फ़ारूक़ की लंदन में उनके घर के बाहर हत्या कर दी गई है.

इमरान फ़ारूक़ मुत्तहिदा क़ौमी महाज़ या एमक्यूएम के अहम नेता थे. इस पार्टी के पाकिस्तान के कराची शहर में काफ़ी समर्थक हैं.

घटना को लेकर ब्रिटेन की पुलिस ने का कहना है कि उत्तरी लंदन में एक व्यक्ति की चाकू मार कर हत्या कर दी गई है.

शहर के पुलिस प्रवक्ता ने कहा, ''इस घटना की जानकारी के बाद पुलिस जब मौके पर पहुंची तो उसने पाया कि एशियाई मूल के एक 50 वर्षीय व्यक्ति पर चाकूओं से कई बार वार किया गया था. उनके सिर पर भी गहरी चोट थी.''

प्रवक्ता का कहना है कि उन्हें तुरंत नज़दीक ही मौजूद प्राथमिक चिकित्सा के लिए ले जाया गया लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी.

इस मामले में अभी तक किसी को गिरफ़्तार नहीं किया गया है.

इमरान फ़ारूक़ 1999 से ब्रिटेन में रह रहे थे. 1992 में वो पाकिस्तान से गायब हो गए और 1999 में उन्होंने ब्रिटेन में शरण ली.

10 दिन का शोक

इमरान की हत्या को लेकर एमक्यूएम ने 10 दिन के शोक की घोषणा की है. हत्या की खबर के बाद कराची स्थित उनके पैतृक घर के बाहर वड़ी संख्या में एमक्यूएम समर्थकों का जमावड़ा लग गया है.

इस बीच हत्या के विरोध में शहर के कुछ हिस्सों में गोलीबारी भी की गई, लेकिन किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है.

उल्लेखनीय है कि पिछले महीने पाकिस्तान के कराची शहर में एमक्यूएम के नेता रज़ा हैदर की हत्या के बाद कराची में हिंसा भड़क उठी थी जिसमें 80 से ज़्यादा लोग मारे गए थे.

एमक्यूएम ने इस हमले के लिए अवामी नेशनल पार्टी के सदस्यों पर आरोप लगाया था जिसके बाद शहर में हिंसा भड़क उठी थी.

यह संगठन विभाजन के बाद भारत से आए लोगों का यानी मुहाजिरीन का प्रतिनिधित्व करता है.

एमक्यूएम का नेतृत्व अल्ताफ़ हुसैन करते हैं जो लंदन में रहते हैं.

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