पाक के वरिष्ठ मंत्री का इस्तीफ़ा

अब्दुल क़यूम जतोई
Image caption जतोई ने सफ़ाई दी है कि उन्होंने निजी हैसियत से बयान दिया था

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और सेना के बारे में विवादास्पद बयान देने वाले पाकिस्तान के एक वरिष्ठ मंत्री ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

इस बयान के बाद रक्षा उत्पादन मंत्री अब्दुल क़यूम जतोई को प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने तलब किया था. इस मुलाक़ात के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उनका इस्तीफ़ा स्वीकार किया गया है या नहीं.

अब्दुल क़यूम जतोई ने देश के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिख़ार मोहम्मद चौधरी के बलूचिस्तान के मूल निवासी होने पर सवाल उठाए थे.

उन्होंने सेना पर वरिष्ठ बलूच नेता मोहम्मद अकबर ख़ान बुगती को मारने का आरोप लगाते हुए कहा था कि 'सेना का काम सीमा की सुरक्षा करना है न कि अपने लोगों को मारना'.

मी़डिया को दिए इस बयान के बाद हंगामा खड़ा हो गया था. जतोई ने अपनी सफ़ाई में कहा है कि जो बयान उन्होंने दिए हैं वे मंत्री या पार्टी कार्यकर्ता की हैसियत से नहीं बल्कि निजी हैसियत से दिए थे.

'भ्रष्टाचार का अधिकार'

अब्दुल क़यूम जतोई बलूचिस्तान में नवाब बुगती के बेटे तलत अकबर बुगती से मिलने पहुँचे थे.

उनसे मिलने के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए जतोई ने कहा था, "हम सेना को वर्दी और जूते इसलिए नहीं देते कि वे अपने ही देशवासियों को मार दें, नवाब साहिब को मार दें और बेनज़ीर भुट्टो को मार दें."

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई एक बैठक का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इस बैठक में फ़ैसला लिया गया था कि सभी संस्थाओं को अपनी सीमाओं में रहना चाहिए और हर किसी की जवाबदेही होनी चाहिए, जिसमें न सिर्फ़ राजनीतिज्ञ हैं बल्कि जनरल, न्यायाधीश और नौकरशाह सभी शामिल हैं.

उन्होंने मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिख़ार मोहम्मद चौधरी का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने झूठा मूल निवासी प्रमाण पत्र दिया है क्योंकि वे रहने वाले फ़ैसलाबाद के हैं लेकिन वे जज बलूचिस्तान के कोटे से बने हैं.

भ्रष्टाचार के बारे में चर्चा करते हुए जतोई ने कहा कि जब से पाकिस्तान बना है, भ्रष्टाचार हो रहा है.

एक वर्ग विशेष के भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, "सभी को भ्रष्टाचार का समान अधिकार होना चाहिए."

उनका कहना था, "सिंधी, पश्तून, बलोच, सरायकी और पंजाबी सभी को भ्रष्टाचार में बराबरी का हिस्सा मिलना चाहिए."

बाद में इस्तीफ़ा देने के बाद उन्होंने कहा कहा कि प्रधानमंत्री की सलाह उन्होंने इस्तीफ़ा दिया है.

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