पाक सेनाध्यक्ष ने दिया वीडियो जाँच का आदेश

Image caption पाक सेना पर मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोप पहले भी लगते रहे हैं.

पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल अशफाक़ परवेज़ कियानी ने उस वीडियो की जाँच का आदेश दिया है जिस में कथित रूप से पाकिस्तानी सैनिकों को संदिग्ध चमरपंथियों को गोलियाँ मार कर हत्याएँ करते हुए दिखाया गया है.

पाकिस्तानी सेना की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस वीडियो की जाँच के लिए एक समिति गठित की गई है जो सैनिकों की पहचान करेगी और यह भी जाँच करेगी कि यह वीडियो असली है या नक़ली.

इंटरनेट पर आने वाले इस वीडियो में दिखाया गया है कि सैनिक युवाओं के एक गुट को घने जंगल से गुज़ार रहे हैं.

इस से बाद उन छह लड़कों को एक क़तार में खड़ा कर दिया जाता है. उन लोगों की आँखों पर पट्टी है और हाथ पीछे से बंधे हुए हैं.

सैनिक एक क़तार बना कर अपने हथियार उठाते हैं और उन लड़कों पर गोलियाँ चलाते हैं जिस के बाद छहों लड़के गिर जाते हैं.

अधिकारियों ने अभी तक इस वीडियो के असल होने की पुष्टि नहीं की है और यह भी पता नहीं है कि उसे कब और कहाँ बनाया गया था.

पाकिस्तानी सेना का कहना है कि जाँच के लिए गठित समिति उस वीडियो में मौजूद सैनिकों की पहचान करेगी और यह जानने का प्रयास करेगी कि आख़िर इस प्रकार की घटना क्यों हुई.

सेनाध्यक्ष जनरल कियानी ने अपने बयान में कहा कि अगर यह मानवाधिकारों का उल्लंघन सिद्ध हुआ तो उस को बरदाश्त नहीं किया जाएगा.

कड़ी कार्रवाई

उन्होंने कहा कि साबित होने के बाद उन लोगों के ख़िलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

जनरल कियानी ने सेना के वरिष्ठ अधिकारियों को आदेश दिया है कि ऐसी घटनाओं का नोटिस लें और इस बात को सुनश्चित करें कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों.

जानकार मानते हैं कि इस घटना की जाँच का आदेश एक सकारात्मक क़दम है.

इस से पहले भी एक वीडियो सामने आया था जिसमें पाकिस्तानी सैनिकों को जेल के भीतर कुछ क़ैदियों को पीटते हुए दिखाया गया था लेकिन उस की जाँच का आदेश नहीं दिया गया था.

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