स्वात में फिर से शव मिलना शुरु

स्वात घाटी
Image caption स्वात घाटी में पहले भी कई संदिग्ध चरमपंथियों के शव मिले चुक हैं.

कुछ महीनों के अंतराल के बाद पाकिस्तान की स्वात घाटी में एक बार फिर शव मिलने शुरु हुए हैं जिन्हें पुलिस चरमपंथी बताती है जबकि स्थानीय लोगों के अनुसार मामला सुरक्षबलों के ज़रिये हत्या का है.

पिछले एक महीने में घाटी में 15 से 20 ऐसे शव मिले हैं.

स्वात में पाकिस्तानी सेना के वरिष्ठ अधिकारी लेफ्टीनेंट करनल आरिफ़ महमूद ने बीबीसी को बताया, “यह शव चरमपंथियों के हैं जो इलाक़ा छोड़ कर भाग गए थे. जब ये वापस आते हैं तो उन के ख़िलाफ कारवाई की जाती है जिसके दौरान वह मारे जाते हैं.”

स्थानीय लोगों के अनुसार मारे गए लोग सुरक्षबलों की हिरासत में थे जिनकी हत्या कर दी गई.

सैन्य अधिकारी इस बात का खंडन करते हैं.

उनका कहना है कि कार्रवाई के दौरान जब कोई चरमपंथी मारा जाता है तो उनके शव उठाने का काम पुलिस का होता है जब पुलिस वहाँ नहीं पहुँचती तो शव यूँ ही पड़े रहते हैं.

स्वात घाटी में मई 2009 में जब निर्णायक सैन्य अभियान हुआ था तो उसके कुछ हफ़्तों बाद पहली बार शव मिलने का सिलसिला शुरु हुआ था.

उनमें अधिकतर शव चरमपंथियों के थे जो कार्रवाई के दौरान मारे गए थे.

स्वात का दुश्मन

स्वात घाटी की गलियों में पहले भी इस प्रकार के शव मिले थे जिन पर उर्दू भाषा में लिखी एक पर्ची भी रखी जाती थी जिस पर मरने वाले का नाम और पता लिखा होता था.

उस पर्ची पर यह भी लिखा होता था कि यह व्यक्ति स्वात का दुश्मन था और इसीलिए उनको उनके अंजाम तक पहुँचाया गया है.

पाकिस्तान में मानवाधिकारों के लिए काम करने वाली संस्थाओं ने इसका कड़ा विरोध किया था.

स्वात घाटी में एक बार फिर शव मिलने से वहाँ के लोग एक डर का शिकार हो गए हैं और जानकार मानते हैं कि स्थिति गंभीर है.

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