हिंसा के बाद कराची में तनाव

कराची
Image caption गोलीबारी के बाद शहर में हिंसा शुरु हुई.

पाकिस्तान के कराची शहर में पिछले 24 घंटों के भीतर 25 लोगों के मारे जाने के बाद जीवन अस्त-व्यस्त है और शहर में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.

शहर में कथित हत्याओं का ताज़ा सिलसिला मंगलवार की रात उस समय शुरु हुआ जब मोटरसाइकल पर सवार कुछ अज्ञात लोगों ने एक बाज़ार में गोलीबारी की जहाँ पुरानी कारें और कलपुर्ज़े बेचे जा रहे थे.

पुलिस के अनुसार गोलीबारी में आठ लोग मारे गए और 10 अन्य घायल हो गए. इस तरह 16 अक्तूबर से लगातार हो रही हत्याओं की संख्या अब 50 से अधिक हो गई है.

शहर के सब से बड़े राजनीतिक दल मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट ने ताज़ा घटनाओं का कड़ा विरोध किया था और बुधवार को शोक मनाने की घोषणा की थी. साथी ही व्यापारी संगठनों ने भी अपना कारोबार बंद करने का एलान किया था.

कराची के अधिकतर बाज़ार बंद हैं और सड़कों पर यातायात न होने के बराबर है जिस से आम लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं. शहर के पेट्रोल पम्पस और गेस स्टेशन भी बंद हैं.

सिंध सरकार ने सरकारी और निजी स्कूलों को बंद करने की घोषणा की थी और सरकारी दफ्तरों में उपस्थिति बहुत कम है.

कड़ी सुरक्षा

शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और संवेदनशील इलाक़ों में पुलिस और अर्धैसिनकबल तैनात किए गए हैं.

उधर सिंध की सूचना सलाहकार शरमीला फ़ारूक़ी ने बाताया कि 16 अक्तूबर से अब तक की हिंस में करीब 64 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 55 अन्य घायल हुए हैं.

उन्होंने कहा कि पुलिस ने अब तक विभिन्न इलाक़ों से करीब 84 लोगों को गिरफ्तार किया है.

Image caption शरह में ताज़ा हिंसा ने कई लोगों की जान ली है.

ग़ौरतलब है कि ताज़ा हिंसा तब शुरु हुई थी जब एक स्थानीय उपचुनाव में दो विरोधी दलों के समर्थकों के बीच झड़प हो गई.

अधिकारियों का कहना है कि ये नहीं पता चला है कि मंगलवार को हुई हत्याएँ राजनीति से प्रेरित हैं या नहीं.

रविवार को हुई हिंसा की वारदातों में 25 लोग मारे गए थे. उसके बाद से ही पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर में तनाव का माहौल है.

रविवार को दरअसल औरंगी टाउन के बुख़ारी कॉलोनी में कुछ हथियारबंद लोगों ने दो बसों पर फायरिंग की थी जिसमें तीन लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए.

बाद में पुलिस को शहर के एक क्षेत्र से तीन शव बरामद हुए थे. पुलिस का कहना था कि इन लोगों के हाथ पाँव बंधे हुए थे और इन्हें यातना देकर मारा गया था. उसके बाद से हिंसा का सिलसिला जारी है.

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