गिरफ़्तार लोगों को राहत की उम्मीद: जेयूडी

याहया मुजाहिद
Image caption याहया मुजाहिद ने उम्मीद जताई है कि संस्था के गिरफ़्तार लोगों को जल्द ही छोड़ दिया जाएगा

प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा (जेयूडी) दोहराया कि मुंबई हमलों से उनका कोई संबंध नहीं है लेकिन हमलों वजह से वह संकट का शिकार है.

उन्होंने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि इस सिलसिले में जिन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है उन्हें जल्दी ही राहत मिलेगी क्योंकि उनका इन हमलों से कोई सीधा संबध नहीं है.

जमात-उद-दावा के प्रवक्ता याहया मुजाहिद ने बीबीसी को दिए के एक इंटरव्यू में कहा, “जब मुंबई में हमले हुए तो उस समय भी हम ने उस का खंडन किया था कि उन हमलों से हमारा कोई संबंध नहीं है और आज भी हम यही कह रहे हैं.”

उन्होंने कहा, “हमारी संस्था पर उन हमलों के आरोप लगे जिस की वजह से हम अभी भी संकट से जूझ रहे हैं.”

ग़ौरतलब है कि दो साल पहले हुए मुंबई हमलों का आरोप पाकिस्तान के प्रतिबंधित संगठन लश्करे तैबा और उस की सहयोगी संस्था जमात-उद-दावा पर लगाया गया है.

अल-क़ायदा से संपर्क

संयुक्त राष्ट्र और अमरीका ने जमात-उद-दावा और उसके नेताओं पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाबंदी लगा दी है. अमरिका का कहना है कि जमात-उद-दावा और दूसरे जेहादी गुटों के अल-क़ायदा से संपर्क हैं.

अमरीका के बयान पर याहया मुजाहिद ने कहा, “हम केवल जनता की सेवा और कल्याणकारी काम करते हैं और हमारा कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है. लोग हमारा सम्मान करते हैं इसलिए कि हम उन की भलाई के लिए काम करते हैं.”

उन्होंने बताया कि इस प्रकार के आरोप जमात-उद-दावा के ख़िलाफ दुष्प्रचार का हिस्सा हैं जिस का उद्देश्य पाकिस्तानी सरकार को विवश करना है कि वह जमात-उद-दावा पर प्रतिबंध लगा दे.

फ़लाहे इंसानियत

Image caption जमात-उल-दावा पर प्रतिबंध के ख़िलाफ देश भर में विरोध प्रदर्शन भी हुए थे.

पाकिस्तान में चल रहे मुंबई हमलों के मुक़दमे पर पूछे गए एक सवाल पर जमात-उद-दावा के प्रवक्ता ने कहा, “उम्मीद है कि गिरफ़्तार लोगों को राहत मिलेगी क्योंकि उन लोगों का भी सीधे तौर पर हमलों से कोई संबंध नहीं बनता है.”

लश्करे तैबा पर पाबंदी से कुछ समय पहले उस की मुख्य संस्था मरकज़ दावा-व-इर्शाद का नाम बदल कर जमात-उद-दावा रखा गया था.

मुंबई हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध लगने के बाद अब कहा जा रहा है कि जमात-उद-दावा फ़लाहे इंसानियत के नाम से सक्रिय हैं और जेहाद को प्रोत्साहित कर रही हैं.

याहया मुजाहिद का कहना है कि फ़लाहे इंसानियत एक अलग संस्था है जिस का जमात-उद-दावा के साथ कुछ क्षेत्रों में समन्वय है.

उन्होंने कहा कि दोनों संस्थाओं ने स्वात और देश के अन्य बाढ़ग्रस्त इलाक़ों में साथ काम किया है.

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