पाक में फिर ड्रोन हमला, सात मरे

ड्रोन विमान

पाकिस्तान के क़बायली इलाक़े उत्तर वज़ीरिस्तान में अमरिकी मानवरहित विमानों के हमले में पाँच कथित चरमपंथी मारे गए हैं. इन हमलों में दो आम नागरिकों की भी मौत हुई.

स्थानीय प्रशासन के एर वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि उत्तर वज़ीरिस्तान के मुख्य शहर मीर अली से छह किलोमीटर की दूरी पर स्थित ख़ुशहाल इलाक़े में अमरिकी ड्रोन विमानों ने चार मिसाइल फ़ायर किए.

अधिकारी के अनुसार इस हमले में ख़ुशहाल इलाक़े में जा रहे एक वाहन और एक दुकान को निशाना बनाया गया. विमानों ने दो मिसाइल वाहन पर फ़ायर किए जबकि अन्य दो एक दुकान पर दाग़े.

अधिकारी ने बताया कि जिस वाहन पर हमला किया गया उसमें चार लोग मौजूद थे. बताया जाता है कि वह चरमपंथी थे लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सकता है कि वे विदेशी थे या नहीं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि दुकान पर हमले से तीन लोग मारे गए जिन में से एक स्थानीय मौलवी का भाई और दो आम नागरिक हैं.

ग़ौरतलब है कि चमरपंथी हमलों की ख़बरों के बाद पाकिस्तान के क़बायली इलाक़े उत्तर वज़ीरिस्तान में अमरिकी ड्रोन विमानों के हमलों में बढ़ोतरी हुई है और पिछले कुछ महीनों से लगातार हो रहे हमलों में कई लोग मारे गए हैं.

पाकिस्तान सरकार ने कई बार क़बायली इलाक़ों में हो रहे अमरिकी ड्रोन हमलों का कड़ा विरोध किया है और उस के आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध केलिए नुक़सानदायक क़रार दिया है.

हमलों का समर्थन

दूसरी और अमरिकी विदेश मंत्रालय के गोपनीय दस्तावेज़ प्रकाशित किए गए एक दस्तावेज़ के अनुसार पाकिस्तान सरकार ने क़बायली इलाक़ों में हो रहे अमरिकी ड्रोन विमानों के हमलों का समर्थन किया है.

Image caption ड्रोन विमानों के हमलों के ख़िलाफ़ देश भर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.

इस्लामाबाद स्थित अमरीकी राजदूत एन पेटरसन ने 30 अगस्त 2008 को अमरीकी विदेश मंत्रालय को एक संदेश भेजा जिस में कहा था कि पाकिस्तानी सरकार सर्वजानिक तौर पर ड्रोन हमलों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाती है लेकिन अंदरूनी तौर पर इस का समर्थन करती है.

दस्तावेज़ के अनुसार गृहमंत्री रहमान मलिक ने प्रधानमंत्री को प्रस्ताव दिया था कि बाजौड़ में हो रहे सैन्य अभियान तक अमरीकी ड्रोन हमलों को रोका जाए जिस पर प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने उन का बयान रद्द कर दिया था.

अमरिकी दस्तावेज़ के मुताबिक उन्होंने कहा था, “मुझे कोई आपत्ति नहीं है और ड्रोन हमले उस वक़्त तक होने चाहिए जब तक वह अपने उद्देश्य पूरे नहीं कर लेते. हम संसद में हमलों के ख़िलाफ विरोध करेंगे और फिर ख़ामोश हो जाएँगे.”

उत्तर वज़ीरिस्तान में लगातार हो रहे ड्रोन विमानों के हमलों के ख़िलाफ़ देश भर में विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं.

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