बेनज़ीर मामला: दो ओर गिरफ़्तार

बेनज़ीर
Image caption बेनज़ीर भुट्टो 2007 में एक चुनावी सभा के बाद हुए आत्मघाती हमले में मारी गई थी.

पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की हत्या की जाँच कर रही संघीय जाँच एजेंसी ने रावलपिंडी के दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को गिरफ़्तार कर लिया है.

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सऊद अज़ीज़ और ख़ुर्रम शहज़ाद बेनज़ीर हत्या मामले के मुक़दमे में ज़मानत पर थे और बुधवार को अदालत ने उनकी ज़मानत रद्द कर दी जिसके बाद पुलिस ने दोनों पुलिस अधिकारियों को गिरफ़्तार कर लिया.

संघीय जाँच एजेंसी ने अदालत में पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ आरोप पत्र दाख़िल किए जिनमें उन दोनों पुलिस अधिकारियों को अभियुक्त क़रार दिया गया है.

सऊद अज़ीज़ और ख़ुर्रम शहज़ाद पर आरोप है कि उनके आदेश पर बेनज़ीर भुट्टो की हत्या के बाद घटनास्थल को तुरंत पानी से धोया गया और बेनज़ीर भुट्टो का पोस्टमार्टम नहीं करवाया गया.

दोनों पुलिस अधिकारियों को गुरुवार को अदालत में पेश किया जाएगा जबकि इस मुक़दमे में गिरफ़्तार सभी अभियुक्तों पर सात जनवरी को अभियोग लागू करने की संभावना है.

सऊद अज़ीज़ और ख़ुर्रम शहज़ाद के वकील मलिक रफ़ीक़ ने अदालत को बताया कि बेनज़ीर भुट्टो के पति आसिफ़ अली ज़रदारी के आदेश पर बेनज़ीर भुट्टो का पोस्टमार्टम नहीं किया गया.

उन्होंने कहा कि जब बेनज़ीर भुट्टो के पति पोस्टमार्टम नहीं करवाना चाहते थे तो वह कैसे रोक सकते थे.

अभियोजन पक्ष के वकील चौधरी ज़ुल्फिक़ार अहमद ने अदालत को बताया कि आसिफ़ अली ज़रदारी से संपर्क घटना के चार घटने बीत जाने के बाद किया और उससे पहले शव पुलिस के पास था तो वह पोस्टमार्टम करवा लेते लेकिन पुलिस अधिकारियों ने जान बूझ कर ऐसा नहीं किया.

इसके बाद अदालत ने दोनों पुलिस अधिकारियों सऊद अज़ीज़ और ख़ुर्रम शहज़ाद की ज़मानत रद्द कर दी.

ग़ौरतलब है कि बेनज़ीर भुट्टो की हत्या के मामले में इस पहले पुलिस ने पाँच लोगों को गिरफ़्तार किया है.

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