पाकिस्तान में राजनीतिक संकट, सरकार बचाने के प्रयास

ज़रदारी
Image caption राष्ट्रपति आसिफ़ ज़रदारी ने कराची में एमक्यूएम के प्रतिनिधिमंडल से मुलाक़ात की.

पाकिस्तान में राजनीतिक संकट का सामना कर रही पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार को बचाने की कोशिशें तेज़ हो गई हैं. पीपीपी अपने नाराज़ साथियों को मनाने की कोशिशों में जुटी है.

जहाँ राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ख़ुद अपने नाराज़ साथियों को मनाने में सक्रिय हैं, वहीं पीपुल्स पार्टी के केंद्रीय मंत्री भी गठबंधन सरकार को बचाने में जुटे हैं.

गृहमंत्री रहमान मलिक ने जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम के प्रमुख मौलाना फ़ज़लुर्रहमान से मुलाक़ात की है और मंत्रीमंडल में उनके दल की वापसी को लेकर भी चर्चा हुई है.

इस बातचीत से कोई परिणाम तो नहीं निकला लेकिन दोनों नोताओं ने बातचीत की प्रक्रिया जारी रखने पर सहमति जताई.

इससे पहले मौलाना फ़जुलर्रहमान को मनाने के लिए केंद्रीय मंत्री हमीदुल्लाह जान और मुनीर औरकज़ई ने उन से मुलाक़ात की थी. हमीदुल्लाह जान ने बीबीसी को बताया था कि मौलाना ने सरकार में वापसी का आश्वासन तो नहीं दिया लेकिन उनका लहजा पहले की तुलना में काफ़ी नरम था.

ग़ौरतलब है कि करीब दो सप्ताह पहले जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम ने पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार को छोड़ दिया था और उसके दो मंत्रियों ने अपने पदों से इस्तीफ़े दे दिए थे.

Image caption प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी की सरकार इन दिनों भारी संकट का सामना कर रही है.

जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम के संसद के ऊपरी सदन में 10, निचले सदन में सात, ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह प्रांत की प्रांतीय सभा में 14, पंजाब में दो और बलूचिस्तान में नौ सदस्य हैं.

राष्ट्रपति भी सक्रिय

दूसरी ओर राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने कराची में सिंध के गवर्नर डॉक्टर इशरतुल इबाद से मुलाक़ात की है. यह मुलाक़ात मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट यानी एमक्यूएम के दो मंत्रियों के इस्तीफ़े के बाद हुई.

ग़ौरतलब है कि मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट के मंत्रियों ने अपने पदों से त्यागपत्र तब दिया था जब सिंध के गृहमंत्री ज़ुल्फि़क़ार मिर्ज़ा ने उन पर आरोप लगाया था कि कराची में कथित हत्याओं की ज़िम्मेदार एमक्यूएम है.

मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट सिंध प्रांत में पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार का हिस्सा है लेकिन उस बारे में अभी तक कोई फ़ैसला नहीं किया गया है.

मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट के संसद के ऊपरी सदन में छह, निचले सदन में 25 और सिंध की विधानसभा में 38 सदस्य मौजूद हैं.

संबंधित समाचार