नहीं बदलेगा ईश निंदा क़ानून

प्रधानमंत्री गिलानी

प्रधानमंत्री गिलानी ने स्पष्ट किया कि ईश निंदा क़ानून नहीं बदलेगा

पाकिस्तान के कराची शहर में ईश निंदा क़ानून के समर्थन में एक बड़ी रैली के बाद प्रधानमंत्री गिलानी ने कहा है कि सरकार ईश निंदा क़ानून में कोई फेरबदल नहीं कर रही है.

उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले पंजाब प्रांत के गवर्नर सलमान तासीर की हत्या कर दी गई थी. तासीर ने ईश निंदा क़ानून की आलोचना की थी और उनकी हत्या के पीछे यह एक बड़ा कारण माना जाता है.

पाकिस्तान में ईश निंदा क़ानून के तहत पैगंबर की आलोचना करने के आरोप में किसी को भी मौत की सज़ा दी जा सकती है. आम तौर पर धार्मिक अल्पसंख्यकों को इसका ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ता है.

तासीर की हत्या के बाद पाकिस्तान में इस क़ानून पर बहस शुरु हो गई थी लेकिन रविवार को कराची में हज़ारों की संख्या में लोग इस क़ानून के समर्थन में सड़कों पर उतर आए.

ने मौलाना फ़ज़लुर्रहमान से भी बात की है और मैं पहले भी कह चुका हूं कि इस क़ानून में फे़रबदल का हमारा कोई इरादा नहीं है. धार्मिक मामलों के मंत्री भी इस बारे में स्पष्ट बयान दे चुके हैं

प्रधानमंत्री गिलानी

प्रधानमंत्री गिलानी का कहना था, ‘‘मैंने मौलाना फ़ज़लुर्रहमान से भी बात की है और मैं पहले भी कह चुका हूं कि इस क़ानून में फे़रबदल का हमारा कोई इरादा नहीं है. धार्मिक मामलों के मंत्री भी इस बारे में स्पष्ट बयान दे चुके हैं.’’

उल्लेखनीय है कि कराची में हुई रैली में काफी़ भड़काऊ भाषण भी दिए गए थे. रैली में पंजाब के गवर्नर सलमान तासीर के बारे में कहा गया कि वो अपनी मौत का कारण खुद बने हैं और अगर सरकार ने ईश निंदा क़ानून में कोई बदलाव किया तो हर घर में मुमताज़ कादरी पैदा होगा. मुमताज़ कादरी ने ही सलमान तासीर की हत्या की है. क़ादरी सलमान तासीर के अंगरक्षक थे.

हालांकि दूसरी तरफ अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री शाहबाज़ भट्टी ने फिर से दोहराया है कि ईश निंदा क़ानून में बदलाव ज़रुरी है ताकि कोई भी व्यक्ति इसका दुरुपयोग न कर सके.

भट्टी ने इस्लामाबाद में सर्वदलीय अल्पसंख्यक गठबंधन की एक बैठक में कहा कि पाकिस्तान में सभी अल्पसंख्यक इस्लाम के पैगंबर और कुरान का सम्मान करते हैं और उसके अपमान के बारे में सोच भी नहीं सकते लेकिन कुछ लोग इस क़ानून की आड़ में अपने निजी हित साध रहे हैं.

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