समझौता धमाका जाँच रिपोर्ट की मांग

समझौता धमाका
Image caption समझौता धमाका वर्ष 2007 में हुआ था

पाकिस्तान ने वर्ष 2007 में समझौता एक्सप्रेस में हुए धमाकों की जाँच रिपोर्ट भारत से मांगी है.

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि इस्लामाबाद स्थित भारत के कार्यकारी उप-उच्चायुक्त जीवी श्रीनिवास को तलब किया गया और समझौता एक्सप्रेस में हुए धमाकों की जाँच रिपोर्ट मांगी गई.

विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी अफ़रास्याब ने भारतीय अधिकारी जीवी श्रीनिवास से मुलाक़ात की और उन्होंने बताया कि पाकिस्तान समझौता एक्सप्रेस में धमाकों की जाँच की रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहा है.

उनके अनुसार भारत को पहले ही समझौता एक्सप्रेस में हुए धमाकों की जाँच रिपोर्ट पाकिस्तान को सौंपनी चाहिए थी.

इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने भारत पर दबाव डाला था कि वह समझौता एक्सप्रेस में हुए धमाकों की जाँच तुरंत पूरी करे और धमाकों में लिप्त लोगों को न्याय के कठघरे तक पहुँचाए.

उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने यह मुद्दा उस समय भी उठाया था जब दोनों देशों के विदेश मंत्रियों और विदेश सचिवों की बैठक इस्लामाबाद में हुई थी.

समझौता धमाका

भारत और पाकिस्तान के बीच हर हफ्ते चलने वाली समझौता एक्सप्रेस में 18 फरवरी 2007 को विस्फोट हुआ था. इस धमाके में 68 लोग मारे गए थे. जिनमें से अधिकतर पाकिस्तान के थे.

पिछले दिनों भारत की राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने अजमेर धमाकों की जाँच के दौरान ये दावा किया था कि इस मामले में गिरफ़्तार लोगों के तार समझौता धमाके से भी जुड़े हो सकते हैं.

एनआईए ने गिरफ़्तार लोगों से समझौता धमाके के मामले में पूछताछ के लिए अदालत से अनुमति मांगी थी, जो उन्हें मिली भी थी.

एनआईए ने राजस्थान पुलिस की ओर से अजमेर धमाकों में दाखिल चार्जशीट के विवरण को इस मामले में आधार बनाया था.

इस चार्जशीट में पुलिस ने कहा था कि समझौता एक्सप्रेस में हुए विस्फोट के सबूत और तरीक़े इशारा करते हैं कि इस घटना में भी अजमेर धमाकों में पकड़े गए लोगों का हाथ हो सकता है.

समझौता एक्सप्रेस विस्फोट में इस्तेमाल सामग्री, उपकरण और लोग मध्य प्रदेश के इंदौर से वास्ता रखते हैं. अजमेर घटना में भी यही लोग शक के दायरे में हैं और वैसे ही सामग्री की इस्तेमाल किया गया था.

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