तासीर हत्याकांड: दो चैनलों पर जुर्माना

समा टीवी
Image caption पेमरा ने समा और वक़्त टीवी पर जुर्माना लगू कर दिया है.

पाकिस्तान में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की निगरानी करने वाली संस्था 'पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेग्यूलेटरी अथॉरिटी' (पेमरा) ने सलमान तासीर की हत्या करने वाले सुरक्षाकर्मी का साक्षात्कार प्रसारित करने पर दो निजी टीवी चैनलों पर जुर्माना लगाया गया है.

पेमरा की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि दो निजी चैनल 'समा' और 'वक़्त टीवी' पर 10-10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है.

बयान के अनुसाह यह जुर्माना इसलिए लागू किया गया है क्योंकि दोनों टीवी चैनलों ने चरमपंथ को प्रोत्साहित किया और वह फुटेज दिखाई जिस पर प्रतिबंध है.

पेमरा ने बताया कि चार जनवरी को पंजाब के गवर्नर सलमान तासीर की हत्या की कवरेज करते समय नियमों का उल्लंघन किया.

बयान के मुताबिक़ दोनों टीवी चैनलों ने बार-बार सलमान तासीर की हत्या के आरोप में गिरफ़्तार सुरक्षाकर्मी मुमताज़ क़ादरी का इंटरव्यू प्रसारित किया.

रेग्यूलेटरी अथॉरिटी ने अपने बयान में कहा कि नियमों का उल्लंघन करने पर दोनों टीवी चैनलों को पांच जनवरी को नोटिस भेजे गए.

दोनों चैनलों ने छह और 10 जनवरी को अपनी स्थिति स्पष्ट की जिस के बाद यह जुर्माना लागू करने का फ़ैसला लिया गया.

तासीर की हत्या

ग़ौरतलब है कि चार दिसंबर को सलमान तासीर के सुरक्षागार्ड ने उनकी हत्या कर दी थी. पुलिस के अनुसार इस्लामाबाद के एक बाज़ार में मुमताज़ क़ादरी नामक सुरक्षाकर्मी ने उन पर उस समय गोलियाँ चलाईं जब वे अपनी गाड़ी से उतर रहे थे.

करीब एक महीने पहले पाकिस्तान में ईसाई महिला आसिया बीबी को कथित तौर पर पैगंबर मोहम्मद का अपमान करने पर मौत की सज़ा सुनाई गई थी. उसी के बाद से ईश-निंदा क़ानून का मामला काफ़ी सुर्ख़ियों में रहा है.

सलमान तासीर ने जेल में आसिया बीबी से मुलाक़ात की थी और का़नून में बदलाव की हिमायत की थी. उनके कथित हत्यारे ने कहा है कि वे सलमान तासीर के इसी रवैये से नाराज़ था.

सलमान तासीर पाकिस्तान की अहम राजनीतिक हस्तियों में से एक थे. उनकी हत्या ऐसे समय हुई जब पाकिस्तान राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुज़र रहा है.

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