नाटो के सामान की आपूर्ति पर कर

नेटो सेना
Image caption नाटो सेना 2001 से अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद है.

सिंध सरकार ने अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद अंतरराष्ट्रीय सेना को तेल और दूसरे सामान की आपूर्ति पर ‘इन्फ्रॉस्ट्रक्चर सेस टैक्स’ लागू कर दिया है.

प्रांतीय कर मंत्री मुकेश चावला ने बीबीसी से बात करते हुए कहा कि यह कर 2010 में किए गए अफ़ग़ान ट्रांज़िट ट्रेड समझौते के तहत लागू किया गया है.

उन्होंने बताया कि यह कर किसी भी वस्तु की कुल क़ीमत के 0.80 प्रतिशत के हिसाब से वसूल किया जाएगा जिससे सिंध सरकार को सालाना कम से कम पांच अरब रुपए की आमदनी होगी.

मुकेश चावला के अनुसार यह कर कराची के दोनों बंदरगाहों और हवाई अड्डे से अफ़ग़ानिस्तान जाने वाले सभी सामान पर लागू होगा.

प्रांतीय कर विभाग का कहना है कि उस के अधिकारी कराची के दोनों बंदरगाहों और हवाई अड्डे पर कर की वसूली करेंगे.

ग़ौरतलब है कि 2001 में हुए हमलों के बाद अमरीकी और नाटो सेनाएँ अफ़ग़ानिस्तान में तैनात की गई थी.

तेल और दूसरे सामान की आपूर्ति के लिए अमरीका ने पाकिस्तान से कराची के दोनों बंदरगाहों को इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी थी. पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की सरकार ने नाटो सेना के लिए तेल और दूसरे सामान की आपूर्ति को कर मुक्त कर दिया था.

सांसदों की थी माँग

पिछले दिनों संसद में यह माँग की गई थी कि अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद अंतरराष्ट्रीय सेनाओं को तेल और दूसरे सामान की आपूर्ति करने वाले वाहनों पर कर लागू किया जाए क्योंकि उससे पाकिस्तान की सड़कें प्रभावित हो रही हैं.

पिछले साल के अंत में अमरीका और पाकिस्तान के बीच एक समझौता हुआ था जिस में कर लागू करने पर सहमति जताई गई थी.

ग़ौरतलब है कि कराची से प्रतिदिन करीब 250 वाहन अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद अंतरराष्ट्रीय सेनाओं के लिए तेल और दूसरा सामान ले जाते हैं.

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