चीन की दक्षिण एशिया में ज़िम्मेदारी: गिलानी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा है कि दक्षिण एशिया की स्थिरता और संतुलन बनाए रखने के लिए चीन की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है.

चीन के सरकारी टीवी को दिए गए एक इंटरव्यू में प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा, ''चीन एक ऐसा देश हैं जो आर्थिक रुप से आगे बढ़ रहा है इसलिए क्षेत्र की स्थिति और उसमें संतुलन बनाए रखना उसकी बड़ी ज़िम्मेदारी है.''

उन्होंने भारत और अमरीका के बीच हुए परमाणु समझौते का नाम लिए बिना कहा कि अमरीका के कुछ समझौतों से पाकिस्तान को चिंता हुई है और इस क्षेत्र में स्थिरता की ज़रूरत है.

यूसुफ़ रज़ा गिलानी के अनुसार अगर दुनिया इस क्षेत्र के दो बड़े देशों को बराबरी की बुनियाद पर नहीं देखेगी तो क्षेत्र में स्थिरता आना बहुत मुश्किल है.

चीन और भारत के बीच बढ़ते हुए आर्थिक संबंधों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस संबंध में चीन की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है कि वह अपने संबंधों को बनाए रखने में संतुलन से काम ले. चीन और पाकिस्तान

उनका कहना था कि पाकिस्तान अपने सभी पड़ोसी देशों विशेषकर भारत के साथ बेहतर संबंध चाहता है और पाकिस्तान और चीन के बीच बढ़ते हुए संबंधों से किसी देशों के ख़तरा महसूस नहीं करना चाहिए.

ग़ौरतलब है कि पिछले साल भारत और चीन के बीच व्यापार 60 बिलियन का आँकड़ा पार कर गया था.

प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब चीन के बुद्धिजीवियों ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि चीन दक्षिण एशिया के देशों से संबंध बनाए रखने के लिए संतुलन नहीं बना रहा है.

पाकिस्तान की बिगड़ी हुई स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस समय दो समस्याओं का सामना कर रहा है, एक आतंकवाद जो पिछले कई वर्षों से इस देश में पनप रहा है और दूसरी बिगड़ी हुई आर्थिक स्थिति.

उन्होंने कहा कि दोनों का आपस में गहरा रिश्ता है और उनकी सरकार इन समस्याओं को जड़ से उखाड़ने की कोशिश कर रही है.

यूसुफ़ रज़ा गिलानी के अनुसार पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान और अमरीका को आतंकवाद के लड़ने के लिए मिल कर काम करना चाहिए.

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