'आवाज़ को कोई दीवार नहीं रोक सकती'

राहत
Image caption राहत फ़तेह अली ख़ान को कुछ दिन पहले दिल्ली में हिरासत में लिया गया था.

पाकिस्तान के मशहूर गायक राहत फ़तह अली ख़ान का कहना है कि आवाज़ की न तो कोई दीवार होती है और न ही को कोई दीवार उस को रोक सकती है.

भारत से वापसी के बाद उन्होंने लाहौर में बीबीसी हिंदी को दिए गए एक विशेष इंटरव्यू में कहा, “भारत और पाकिस्तान के कलाकार अमन और शांति के लिए वह काम करें जिक के लिए न तो किसी वीज़ा की ज़रुरत हो और न ही कोई दीवार उस को रोक सके.”

उन्होंने बताया कि दोनों देशों के कलाकारों और संगीतकारों ने शांति केलिए बहुत काम किया है लेकिन अब भी उन्हें बहुत मेहनत करनी पड़ेगी.

राहत फ़तह अली ख़ान ने कहा, “ऐसा काम किया जाना चाहिए जिसे लोगों के दिल मिलें और प्रेम बढ़े. आवाज़ की कौन सी दीवार हो सकती है, आवाज़ को कौन से दीवार रोक सकती है. एक ख़्वाब को कौन सा देश रोक सकता है.”

उन्होंने बताया कि दोनों देशों के लोग एक दूसरे का सम्मान करते हैं और एक दूसरे से प्यार करते हैं. “जब ननकाना साहब में सिख यात्री आते हैं तो पाकिस्तानी लोग उन को मुफ़्त में खाना खिलाते हैं, उन की इज़्ज़त करते हैं. यह प्यार नहीं है तो क्या है.”

उन्होंने कहा, “प्यार की भावनाएँ दोनों देशों में एक जैसी हैं और मैं यह नहीं समझता कि इस में कोई फ़र्क़ है. जिस तरह यहाँ शादी की रिस्में होती हैं तो वहाँ भी एक ही जैसी शादी होती है.”

'बॉलीवुड में प्रवेश'

जब राहत फ़तह अली ख़ान से पूछा गया कि बॉलीवुड में जाने का ख़्याल कैसे आया तो उन्होंने कहा, “नुसरत साहब की मौत के बाद हम ने एक एलबम लॉंच करने की कोशिश की लेकिन वह किसी कारणों से नहीं हो पाया. 2002 में पूजा भट्ट कराची में थीं और उन्होंने मेरी आवाज़ सुनी और फिर उन्होंने अपनी एक फिल्म में मेरा गाना शामिल कर लिया.”

अपने ताया नुसरत फ़तह अली ख़ान के साथ बिताए हुए दिनों को याद करते हुए कहा, “संगीत के साथ साथ मैं ने नुसरत साहब से यह सीखा कि अपने से बड़ों की इज़्ज़त किस तरह की जाए और किसी को दुख न पहुँचाया जाए.”

उन्होंने बताया कि दिल्ली में हुई जाँच के दौरान उन्हेंन नुसरत साहब के सिद्धांतों पर अमल किया और उस की बदौतल वह पाकिस्तान में हैं.

भारत में हुई अपनी हिरासत पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “दिल्ली हवाई अड्डे पर मेरे साथ जो हुआ उस का कारण यह है कि मुझे भारतीय नियमों की जानकारी नहीं थी.”

जब उन से पूछा गया कि भारत में मुश्किल घड़ी में किसी उन के दोस्त या प्रशंसक ने कोई मदद की तो उस पर उन्होंने कहा, “वहाँ हमारी किसी ने मदद नहीं की और ऐसे मौक़ों पर तो यहाँ भी कोई मदद नहीं करता है. लेकिन यह है कि मैं पाकिस्तानी आवाम और गृहमंत्रालय का आभारी हूँ जिन की कोशिशों से आज मैं यहाँ हूँ.”

राहत फ़तेह अली ख़ान ने इस मुद्दे पर ज़्यादा बात करने से इंकार कर दिया.

'दिल्ली में हिरासत'

ग़ौरतलब है कि राहत फ़तह अली ख़ान और उनके ग्रुप को दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर उस समय रोक लिया गया था जब उनके पास से क़रीब सवा लाख डॉलर नक़द मिले थे.

भारतीय अधिकारियों ने बताया था कि सवा लाख डॉलर की इस रक़म के बारे में ग्रुप ने जानकारी नहीं दी थी और इतनी बड़ी मात्रा में विदेशी पैसा बिना घोषणा के लेकर चलना संदेह पैदा करता है.

राहत फ़तह अली खान और उनके मैनेजर मारुफ़ पर विदेशी मुद्रा विनिमय अधिनियम (फ़ेमा) और कस्टम कानून के तहत मामला चलाया गया था.

जाँच के बाद राहत फ़तह अली खान और उनके मैनेजर मारुफ़ अली पर 15-15 लाख रुपए का जु्र्माना भी लगाया गया.

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