भट्टी: उच्चस्तरीय जाँच, स्केच जारी

शहबाज़ भट्टी
Image caption चार हमलावरों ने भट्टी के वाहन को घेरा और अंधाधुँध गोलियाँ चलाईं

पाकिस्तान की पुलिस ने इस्लामाबाद में अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री शहबाज़ भट्टी की हत्या में चार अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है और एक उच्चस्तरीय जाँच शुरु हो गई है.

इस्लामाबाद पुलिस ने यह मुक़दमा शहबाज़ भट्टी के भाई सिकंदर भट्टी की याचिका पर आतंकवाद निरोधक क़ानून के तहत दर्ज किया है.

पाकिस्तान की केंद्रीय सरकार के एकमात्र ईसाई मंत्री, 42 वर्षीय शहबाज़ भट्टी की कार पर बुधवार को अज्ञात बंदूकधारियों ने गोलियों की बौछार कर दी थी और उनकी मृत्यु हो गई थी.

विश्लेषण: भट्टी की हत्या से दो इशारे

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले की जाँच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है जिसमें ख़ुफ़िया एजेंसियों और संघीय जाँच एजेंसी के अधिकारी शामिल हैं. यह समिति एक सप्ताह के भीतर सरकार को अपनी रिपोर्ट पेश करेगी.

एक हमलावर का 'स्केच' जारी

पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर इस मामले संबंधित कथित चार चरमपंथियों में से एक का स्केच जारी किया है. इस व्यक्ति के बारे में सूचना देने पर ईनाम की भी घोषणा की गई है.

गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक केंद्रीय और राज्य मंत्रियों की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है और मंत्रियों को कहा गया है कि कहीं जाने से पहले वे पुलिस को ज़रूर सूचना दें.

शहबाज़ भट्टी: एक परिचय

अधिकारी ने बताया कि सत्ताधारी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की वरिष्ठ नेता और सांसद शेरी रहमान को सावधान रहने के लिए कहा गया है और उनकी सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है.

पूर्व सूचना मंत्री शेरी रहमान ने ईश-निंदा क़ानून में संशोधन के लिए संसद में एक प्राइवेट मेंबर विधेयक का प्रस्ताव पेश किया था. लेकिन पंजाब के तत्कालीन गवर्नर सलमान तासीर की हत्या के बाद भारी घरेलू दबाव के कारण उन्होंने यह प्रस्ताव वापस ले लिया था.

शुक्रवार को नमाज़े जनाज़ा

शहबाज़ भट्टी का नमाज़े जनाज़ा उनके पैत्रिक शहर समुंद्री में शुक्रवार को होगा. उनके कुछ रिश्तेदार विदेश में हैं और परिवार उनका इंतज़ार कर रहा है.

दूसरी ओर शहबाज़ भट्टी की हत्या के ख़िलाफ़ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं लेकिन ईसाई समुदाय डरा हुआ है.

तस्वीरें: पाकिस्तानी मंत्री की दिनदहाड़े हत्या

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने बुधवार रात इस्लामाबाद में शहबाज़ भट्टो की श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी हत्या के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन करते हुए हत्या को कायरतापूर्ण क़दम क़रार दिया.

समाजिक कार्यकर्ताओं ने शहबाज़ भट्टी की याद में मोमबत्तियाँ जलाईं और उन्होंने तख़्तियाँ उठा रखी थीं और उन्होंने नारेबाज़ी भी की.

जानी-मानी विश्लेषक आयशा सिद्दीक़ा ने उस मौक़े पर बीबीसी से बात करते हुए कहा, "पाकिस्तान एक असफ़ल देश बन चुका है जो अपने नागरिकों को सुरक्षा प्रदान नहीं कर रहा है और जहाँ धर्म की आधार पर निर्दोष लोगों की हत्या कर दी जाती है. शहबाज़ भट्टी की हत्या ने समाज के भविष्य पर एक बड़ा प्रश्न चिह्न लगा दिया है."

कराची, लाहौर और देश के अन्य शहरों में भी ईसाई समुदाय ने शहबाज़ भट्टी की हत्या के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किए हैं.

शहबाज़ भट्टी की हत्या पर सोशल नेटवर्किंग साइट वेबसाईट फ़ेसबुक और ट्विटर पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. फेसबुक पर एक व्यक्ति ने लिखा, "पता नहीं अगली बारी किस की आएगी? मुझे उम्मीद है कि शेरी रहमान देश छोड़कर चली जाएँगी. हम एक और व्यक्ति की हत्या को बर्दाश्त नहीं कर सकेंगे."

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