हत्यारों को सज़ा मिलेगी: गिलानी

गिलानी
Image caption भट्टी की मौत से संसद को नुक़सान हुआ है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा है कि शहबाज़ भट्टी के हत्यारों को सज़ा दिलवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी.

उन्होंने कहा कि शहबाज़ भट्टी की मौत से पाकिस्तानी संसद को भारी नुक़सान हुआ है.

उन्होंने अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री शहबाज़ भट्टी के लिए इस्लामाबाद के एक चर्च में आयोजित प्रार्थना सभा को संबोधित किया.

उन्होंने कहा, “शहबाज़ भट्टी ने अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए संसद में काफ़ी कोशिशें कीं और वे चाहते थे कि संसद के ऊपरी सदन में अल्पसंख्यकों के लिए पाँच प्रतिशत सीटें होनी चाहिए.”

प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा कि शहबाज़ भट्टी की हत्या की जाँच के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है और हत्या में लिप्त लोगों को तुरंत गिरफ़्तार किया जाएगा.

प्रार्थना सभा

इस प्रार्थना सभा में अमरीका, ब्रिटेन और कई यूरोपीय देशों के राजदूतों सहित मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और बड़ी संख्या में ईसाई समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया.

इस्लामाबाद के फ़ातिमा चर्च में प्रार्थना सभा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी और चर्च की ओर आने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया गया था. बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को भी वहां तैनात किया गया था.

सुरक्षा कारणों से ईसाई समुदाय के सैंकड़ों लोगों को प्रार्थना सभा में भाग लेने की अनुमति नहीं दी गई जिसके ख़िलाफ़ उन्होंने चर्च के सामने विरोध प्रदर्शन किया. उस मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद थीं.

प्रार्थना सभा के बाद शहबाज़ भट्टी के शव को उन के पैत्रिक शहर फ़ैसलाबाद के लिए रवाना कर दिया गया जहाँ उन को दफ़नाया जाएगा.

भट्टी की हत्या

अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री शहबाज़ भट्टी पर इस्लामाबाद में दो मार्च को दिन-दहाड़े कुछ अज्ञात लोगों ने हमला किया था जिस में उन की मृत्यु हो गई थी.

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Image caption शहबाज़ भट्टी की हत्या के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं.

पुलिस के अनुसार वो कार में अपने दफ़्तर की ओर जा रहे थे जब कार पर अंधाधुंध गोलियाँ चलाई गईं थी. उन के साथ कोई सुरक्षा एसकॉर्ट वाहन नहीं था.

शहबाज़ भट्टी कैथोलिक ईसाई थे और वो ईश निंदा क़ानून के विरोधी थे. उन्हें कई बार जान से मारने की धमकियां मिली थीं.

जनवरी में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गवर्नर सलमान तासीर की भी उनके एक अंगरक्षक ने हत्या कर दी थी. वो भी ईश-निंदा क़ानून के विरोधी थे.

पाकिस्तान के ईश-निंदा क़ानून के तहत क़ुरान, पैगंबर हज़रत मुहम्मद और इस्लाम से संबंधित कुछ पवित्र शख़्सियतों के बारे में कुछ भी निंदनीय कहने पर मौत की सज़ा हो सकती है.

इस क़ानून पर चर्चा तब शुरु हुई जब पाँच बच्चों की माँ, एक ईसाई महिला आसिया बीबी को पिछले साल नवंबर में पैगंबर मोहम्मद का अपमान करने के जुर्म में मौत की सज़ा सुनाई गई थी. वो इस आरोप से इंकार करती हैं.

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