'मुर्शरफ़ की गिरफ़्तारी जल्द हो'

परवेज़ मुर्शरफ़
Image caption परवेज़ मुर्शरफ़ पर राजनीतिक प्रतिद्वंदी बेनज़ीर भूट्टो की हत्या की 'वृहत साज़िश' में शामिल होने का आरोप लगाया गया है.

पाकिस्तान की एक आतंकवाद निरोधक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुर्शरफ़ की गिरफ़्तारी की प्रक्रिया तेज़ करने का आदेश दिया है.

समाचार एजेंसी एएफ़पी ने सरकारी वकील चौधरी जुल्फ़क़ार अली के हवाले से कहा है कि अदालत ने मुर्शरफ़ की गिरफ़्तारी के मामले में तेज़ी लाने का आदेश दिया है ताकि केस की सुनवाई जल्द से जल्द पूरी की जा सके.

इस मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल के लिए तय की गई है.

अभियोजन पक्ष का आरोप है कि परवेज़ मुर्शरफ़ ने देश की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो को पूरी सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई थी जो उनकी मौत का कारण बनी.

बेनज़ीर भुट्टो की हत्या तीन साल पहले साल 2007 में एक चुनावी रैली के फ़ौरन बाद गोली मारकर कर दी गई थी.

तालिबान

बेनज़ीर अपनी हत्या के दो माह पहले ही चुनाव में हिस्सा लेने के लिए स्वदेश वापस लौटी थीं.

उनकी हत्या के बाद मुर्शरफ़ सरकार ने इसका इल्ज़ाम तालिबान नेता बैतुल्लाह मेहसूद के सर मढ़ा था. हालांकि मेहसूद ने इस आरोप से इनकार किया था.

वो बाद में एक अमरीकी ड्रोन हमले में मारे गए. विशेष अदालत ने इस साल फरवरी में परवेज़ मुर्शरफ़ की गिरफ़्तारी के लिए वारंट जारी किया था.

मुर्शरफ़ इन दिनों लंदन में रहते हैं और फ़िलहाल इस बात के कोई संकेत नहीं है कि वहाँ की सरकार उन्हें वापस पाकिस्तान भेजने की पहल करेगी या नहीं.

पाकिस्तान और ब्रिटेन के बीच कोई प्रत्यर्पण संधि नहीं है.

हाल ही में पाकिस्तान दौरे पर आए ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा था कि प्रत्यर्पण की मांग करने पर उनकी सरकार उस पर विचार करेगी.

लेकिन साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र में कोई समझौता नहीं है.

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