'ड्रोन हमले बंद करे नेटो'

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Image caption पाकिस्तान में 2004 से अमरिकी ड्रोन हमले जारी हैं.

पाकिस्तान की विपक्षी पार्टी मुस्लिम लीग क्यू के क़बायली नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर क़बायली इलाक़ों में ड्रोन हमले नही रुके तो वे नेटो सेना के लिए अफ़ग़ानिस्तान जा रहे सामान की आपूर्ति रोक देंगे.

मुस्लिम लीग क्यू के वरिष्ठ क़बायली नेता अजमल ख़ान वज़ीर ने पत्रकारों को बताया कि पाकिस्तान के क़बायली इलाक़ों पर हो रहे अमरीकी ड्रोन विमान हमलों का ज़्यादातर शिकार आम नागरिक बन रहे हैं और सरकार को इस का पता भी नहीं है.

इस्लामाबाद स्थित बीबीसी हिंदी संवाददाता हफ़ीज़ चाचड़ के अनुसार क़बायली इलाक़े दक्षिण और उत्तर वज़ीरिस्तान में लगातार हो रहे अमरीकी ड्रोन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की गई और इसके लिए पाकिस्तान सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया जा रहा है.

धमकी

अजमल ख़ान वज़ीर ने अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद नेटो सेना के लिए जा रहे सामान की आपूर्ति को रोकने की धमकी दी है लेकिन उस बारे में कोई समयसीमा नहीं दी.

वजी़र के अनुसार पिछले साल जितने ड्रोन हमले हुए उस से कहीं ज़्यादा चरमपंथी घटनाओं में तेज़ी आई है और कई निर्दोष लोग आत्मघाती हमलों का निशाना बने हैं.

उन्होंने कहा, “ड्रोन विमानों के हमलों से इतना नुक़सान हो रहा है कि आप सोच भी नहीं सकते. एक एक घर से दस दस बारह जनाज़े उठ रहे हैं और मरने वाले निर्दोष होते हैं.”

उन्होंने आगे बताया कि क़बायली इलाक़ों के लोग मांसिक रोग का शिकार हो रहे हैं और हर समय उन्हें यही डर लगा रहता है कि कहीं कोई ड्रोन विमान उन के घर पर हमला न कर दे.

Image caption ड्रोन हमलों के ख़िलाफ़ कड़ा विरोध भी किया रहा है.

हमलों पर पुनर्विचार

इस प्रेस वार्ता में वज़ीरिस्तान के कुछ और नेता भी शामिल थे.

अजमल ख़ान ने कहा कि अमरीका को इस हवाले से सोचना चाहिए कि ड्रोन हमलों की वजह से आतंकवाद कम नहीं बल्कि बढ़ रहा है और हमलों का नकारात्मक प्रभाव हो रहा है.

उन्होंने देश की सभी राजनीतिक दलों से कहा कि वे ड्रोन हमलों के ख़िलाफ़ मिलकर आवाज़ उठाएँ और उस के ख़ात्मे के लिए एक संयुक्त रणनीति बनाएँ.

क़बायली नेताओं ने सरकार से मांग की कि वह तुरंत इस मुद्दे को उठाए और ड्रोन हमले बंद करवाने केलिए अमरिका से बातचीत करे.

ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान के क़बालयी इलाक़ों में पिछले कई सालों से ड्रोन हमले हो रहे हैं जिस में तालिबान और अल-क़ायदा के कई वरिष्ठ नेता मारे जा चुके हैं.

पिछले साल करीब सौ से अधिक ड्रोन हमले हुए जिस में 900 से अधिक लोग मारे गए.

जिन इलाक़ों में अमरीकी ड्रोन हमले किए जा रहे हैं वह स्थानीय तालिबान और अल-क़ायदा के चरमपंथियों के गढ़ माने जाते हैं.

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