'चरमपंथियों की कमर तोड़ दी गई है'

जनरल कियानी
Image caption पाकिस्तानी सेना प्रमुख का ये दावा कितना सही है ये कहना मुश्किल है.

पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल अशफ़ाक़ परवेज़ कियानी ने कहा है कि पाकिस्तान में चरमपंथियों की कमर तोड़ दी गई है और सेना जल्द चरमपंथ को ख़त्म कर लेगी.

ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह प्रांत में पाकिस्तान मिलिटेरी अकैडमी के छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “हमने चरमपंथियों की कमर तोड़ दी है और चरमपंथ को बहुत जल्द जड़ से उखाड़ फेंक दिया जाएगा.”

उन्होंने आगे कहा, “मैं आपको आश्वासन देता हूँ कि देश को जिन ख़तरों का सामना है पाकिस्तानी सेना उसे बख़ूबी जानती है. आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध में हमारे सैनिकों ने अपनी जानों का बलिदान दिया है और अद्धुत सफलता प्राप्त की है.”

जनरल कियानी ने अपने भाषण में कहा कि पाकिस्तान की जनता अपनी आज़ादी का मूल्य जानती है और वह इसे बचाने के लिए बड़ी से बड़ी क़ुर्बानी देने के लिए हर समय तैयार है.

आईएसआई

जनरल कियानी का बयान ऐसे समय में आया है जब तीन दिन पहले अमरीका के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ऐडमरल माईक मलन ने कहा था कि पाकिस्तान और अमरीका के संबंधों में तवान का सबसे बड़ा कारण पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई है.

ऐडमरल माईक मलन ने बताया था कि ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई चरमपंथी गुट हक़्क़ानी नेटवर्क के साथ संपर्क में है जो अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद अतंरराष्ट्रीय सेना पर हमले करते हैं.

इससे पहले व्हाईट हाऊस ने अपनी रिपोर्ट में आतंकवाद के ख़िलाफ़ चली युद्ध को लेकर पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की थी और कहा था कि पाकिस्तान के अशांत इलाक़ों में एक लाख 47 हज़ार सैनिक तैनात होने के बावजूद भी पाकिस्तान के पास चरमपंथ को ख़त्म करने के लिए कोई स्पष्ट रणनीति नहीं है.

पाकिस्तान ने अमरीका के उन आरोपों का खंडन किया है जिसमें कहा गया था कि अमरीका और पाकिस्तान के संबंधों में तनाव का कारण ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई है.

पाकिस्तानी सेना ने एक बयान जारी करके कहा था कि अमरीकी सैन्य अधिकारी ऐडमिरल माइक मलन की ओर से आईएसआई पर लगाए गए आरोप ग़लत हैं और आईएसआई का किसी चरमपंथी गुट से संपर्क नहीं है.

कुछ दिन पहले जनरल कियानी ने अमरीकी अधिकारी से अपनी मुलाक़ात में उनसे कहा था कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध में पाकिस्तान ने बड़ी सफलता प्राप्त की है और उसने आतंकवाद और चरमपंथ को जड़ से उखाड़ने का संकल्प लिया है.

उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान के ख़िलाफ़ दुष्प्रचार किया जा रहा है कि पाकिस्तान के पास आतंकवाद से लड़ने के लिए कोई स्पष्ट रणनीति नहीं है.

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