भारत-पाक के बीच वाणिज्य सचिव स्तर की बातचीत

भारत और पाकिस्तान के वाणिज्य सचिवों के बीच बुधवार को इस्लामाबाद में बैठक हो रही है.

हालांकि भारत किसी बड़े नतीजे की उम्मीद नहीं कर रहा है हालांकि उसे उम्मीद है कि इससे दोनों देशों के रिश्तों में गर्मजोशी की शुरुआत हो सकती है और आर्थिक एजेंडा महत्वपूर्ण स्थान ले सकता है.

वाणिज्य और उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने भारत और पाकिस्तान के वाणिज्य सचिवों के बीच बातचीत को एक सकारात्मक कदम बताया है.उनके अनुसार इस बातचीत के बाद यह साफ़ हो जाएगा कि आर्थिक रिश्तों को बढ़ाने के लिए क्या कुछ किया जा सकता है.

उनका मानना है कि साफ़्टा समझौते के पूरी तरह पालन करने के लिए सदस्य देशों के बाज़ार पूरी तरह से खोल दिए जाने चाहिए.भारत,बाँगलादेश,भूटान,मालदीव्स,नेपाल,पाकिस्तान,श्रीलंका और अफ़ग़ानिस्तान साफ़्टा के सदस्य हैं.

आनंद शर्मा का कहना था कि कि पूर्वी एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया के बीच आर्थिक सहयोग की तर्ज़ पर इस क्षेत्र में भी सहयोग होना चाहिए.दक्षिण एशिया और पाकिस्तान को भी इस कहानी का हिस्सा होना चाहिए.

पाकिस्तान से लौटने के बाद वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर प्रधानमंत्री से मिलकर इस बातचीत की जानकारी देंगे.

आनंद शर्मा के अनुसार अगर पाकिस्तान सीमा पार से पेट्रोलियम पदार्थों के आयात पर लगी रोक हटा दे तो भारत पाकिस्तान को पेट्रोल और डीज़ल निर्यात कर सकता है.

पाकिस्तान हर वर्ष कुवैत से चालीस-पचास लाख टन डीज़ल आयात करता है.भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार बहुत कम यानि सिर्फ़ 2 अरब डॉलर का है.

पाकिस्तान इस समय भारत से सिर्फ़ माँस,खाने का तेल,अनाज,तम्बाकू,रसायन,खाद,चमड़ा,कपास,सिल्क,कॉफ़ी और चाय मँगाता है.उधर फ़िक्की का कहना है कि भारत का व्यापार समुदाय पाकिस्तान के साथ व्यापार करने का काफ़ी इच्छुक है.उद्योग जगत का मूड काफ़ी अच्छा है और वह इस बातचीत से सकारात्मक नतीजों की उम्मीद कर रहा है.

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