ऐबटाबाद में क्या कैसे हुआ...

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Image caption पाक सेना ने पूरे इलाके को कब्ज़े में ले लिया है.

ओसामा बिन लादेन के मारे जाने की घोषणा के बाद ऐबटाबाद और घटनास्थल के क़रीब मौजूद चश्मदीदों से कई तरह की जानकारियां मिल रही हैं.

इस्लामाबाद से 50 किलोमीटर उत्तरपूर्व में स्थित ऐबटाबाद में रविवार की रात एक हेलीकॉप्टर देखा गया जिसके बाद तेज़ आवाज़ें होने लगीं. कहा गया कि यह एक हेलीकॉप्टर हादसा था.

पाकिस्तान के स्थानीय चैनल 'एक्सप्रैस टीवी' ने सबसे पहले अभियान के सही इलाके की पुष्टि करते हुए कहा कि यह हेलीकॉप्टर हादसा नहीं बल्कि ऐबटाबाद की बिलाल कॉलोनी में किया गया अमरीका का एक विशिष्ट अभियान था.

इस अभियान में लगभग 3000 गज के एक परिसर में मौजूद एक तीन मंज़िली इमारत पर निशाना साधा गया. इस परिसर के चारों ओर 12 फुट लंबी दीवार थी जिस पर हर तरफ कंटीले तारों का घेरा था.

स्थानीय लोगों का कहना है कि दीवार पर कैमरे भी लगे थे. यह परिसर ऐबटाबाद के कैंट इलाके में मौजूद है.

स्थानीय लोगों के मुताबिक यह अभियान पाकिस्तानी समयानुसार शनिवार रात 12:30 बजे शुरु हुआ.

एक स्थानीय चैनल को दिए गए साक्षात्कार में इलाके के लोगों ने कहा कि उन्होंने आसमान में हेलीकॉप्टर उड़ते हुए देखे जिससे ये लोग काफ़ी घबरा गए.

एक्सप्रैस टीवी ने कुछ चश्मदीद गवाहों के हवाले से बताया कि दो हेलीकॉप्टर आए और इस परिसर के बाहर उतर गए.

गवाहों ने बताया कि कुछ लोग हेलीकॉप्टर से उतरे और पश्तो भाषा में उन्होंने स्थानीय लोगों को दूर रहने के लिए कहा. इसके बाद ये लोग इस परिसर में घुस गए और गोलीबारी शुरु हो गई.

स्थानीय लोगों का कहना है कि इसके बाद वो लोग बाहर आए और संभवत: उनके साथ अंदर से पकड़ कर लाया गया कोई व्यक्ति भी था.

लोगों के मुताबिक इस बीच एक तीसरे हेलीकॉप्टर ने परिसर पर मिसाइल दाग़नी शुरु कर दीं और इमारत के अंदर से भी इसके जवाब में गोलीबारी हुई. इस कार्रवाई में एक हेलीकॉप्टर परिसर के अंदर ही क्रैश हो गया.

फ़िलहाल यह साफ़ नहीं है कि इस कार्रवाई में किसी और की भी मौत हुई है या नहीं.

स्थानीय समाचार चैनलों के मुताबित इस कार्रवाई में ओसामा बिन लादेन समेत उनके तीन बेटे और तीन क़रीबी सहयोगी भी मारे गए.

स्थानीय समय के अनुसार रात लगभग एक बजकर तीस मिनट पर यह अभियान खत्म हो गया.

स्थानीय लोगों के मुताबिक पाकिस्तानी सैन्य दल हमले के बाद घटनास्थल पर पहुंचे और अब उन्होंने इलाके को पूरी तरह अपने कब्ज़े में ले लिया है.

इस बारे में कोई पुष्टि नहीं हो सकी लोकिन कहा जा रहा है कि अमरीकी सैन्य दल तरबेला ग़ाज़ी में मौजूद पाकिस्तान के विशिष्ट सुरक्षा बलों के एक ठिकाने से काम कर रहा था. यह ठिकाना इस्लामाबाद से 50 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में मौजूद है.

तालेबान और अल-क़ायदा के सदस्यों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि ओसामा मारे जा चुके हैं.

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