ओसामा मुद्दे पर पाक के अमरीका पर प्रहार

गिलानी ने ओसामा की मौत के बाद उठे सवालों पर संसद में बयान दिया. इमेज कॉपीरइट BBC World Service

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रज़ा गिलानी ने इन आरोपों को ख़ारिज कर दिया कि ओसामा बिन लादेन का पाकिस्तान में मारा जाना पाकिस्तानी अधिकारियों की असफलता को दर्शाता है.

गिलानी ने संसद में इस पूरे मुद्दे पर बयान देते हुए कहा, "किसी भी तरह की मिलीभगत और अयोग्यता के आरोप ग़लत हैं. आईएसआई का अल क़ायदा से मिलीभगत होने के आरोप बेबुनियाद हैं."

अमरीका में इससे दाल गलने वाली नहीं: विश्लेषण

गिलानी का कहना था कि अमरीका का पाकिस्तान की ज़मीन पर कार्रवाई करना कई गंभीर चुनौतियां खड़ी कर सकता था लेकिन पाकिस्तान अमरीका से अपनी मित्रता को बहुत महत्व देता है.

हालांकि उन्होंने परोक्ष रुप से ये भी कहा कि ओसामा बिन लादेन को खड़ा करने में अमरीका का हाथ भी रहा है.

उन्होंने कहा, “अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह बताना ज़रुरी है कि 1990 के दशक में अरब देशों के युवाओं ने जिहाद शुरु किया और अल क़ायदा में शामिल हो गए. अल क़ायदा को बनाने वाले कौन थे? और उस को धन किस ने दिया? यह आज के प्रश्न हैं.”

उन्होंने आगे कहा, “इस समय यह बहुत ज़रुरी है कि अतीत को न भूला जाए और सामूहिक रुप से हमें तथ्यों को मानना चाहिए और अपना चेहरा इतिहास के आईने में देखना चाहिए.”

'लादेन को हमने नहीं बुलाया'

उन्होंने बताया कि दूसरों की असफल नीतियों और ग़लतियों के लिए पाकिस्तान को ज़िम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए और पाकिस्तान अल क़ायदा की जन्मभूमि नहीं है.

प्रधानमंत्री ने कहा, “हमने ओसामा बिन लादेन को न तो पाकिस्तान आने का निमंत्रण दिया और न ही अफ़ग़ानिस्तान का. यह पूछना ठीक है कि ओसामा बिन लादेन कौन है और उन्होंने क्या आर्दश दिए हैं? ओसामा बिन लादेन दुनिया का दुश्मन है और उन्होंने पाकिस्तान में हमला कर कई लोगों मार दिया.”

उन्होंने अपने भाषण में ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई का बचाव करते हुए कहा कि आईएसआई ने आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध में बड़ी सफतलाएं प्राप्त की हैं और बड़े बड़े चरमपंथी नेताओं को गिरफ़्तार किया जिस में फ़राज़ अल लिब्बी और शैख़ ख़ालिद शामिल हैं.

ओसामा बिन लादेन की पाकिस्तान में मौजूदगी को लेकर आईएसआई पर लगे सभी आरोप को ख़ारिज कर दिया.

पाकिस्तान में ओसामा बिन लादेन की जानकारी न होने पर उन्होंने कहा कि इस में केवल पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसियों की चूक नहीं है बल्कि दूसरे देशों की ख़ुफिया एजेंसियों की भी ग़लती है.

उन्होंने कहा कि इस को लेकर एक उच्चास्तरीय जाँच के आदेश दिए गए हैं और सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी इस की जाँच करेंगे.

उन्होंने कहा, “ऐबटाबाद में ओसामा बिन लादेन को मारे केलिए अमरीका की ओर से संप्रभुत्ता के उल्लंघन पर पाकिस्तान के लोग नाराज़ हैं और पाकिस्तान की सुरक्षा क्षमता पर सवाल उठाए जा रहे हैं.”

उन्होंने आगे कहा, “हमें खेद हैं कि अमरीका ने ऐबटाबाद में एक तरफ़ा कर्रवाई की और हम को बताया नहीं. एक तरफ़ा कर्रवाई जोखिम भरी होती है.”

प्रधानमंत्री ने भविष्य में इस प्रकार की कार्रवाई का मुंह तोड़ जवाब देने की बात कही.

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