पाक में फिर ड्रोन हमला, सात मरे

ड्रोन

क़बायली इलाक़ों में पिछले कई सालों ने हमले जारी हैं.

पाकिस्तान के क़बायली इलाक़े उत्तर वज़ीरिस्तान में अमरीका के मानवरहित विमान के हमले में सात लोग मारे गए हैं.

इलाक़े के लोगों ने पेशावर स्थित बीबीसी संवाददाता अज़ीज़ुल्लाह ख़ान को टेलीफ़ोन पर बताया कि अफग़निस्तान की सीमा से सटे हुए इलाक़े दत्ताख़ेल में ड्रोन विमान सुबह से ही गश्त लगा रहे थे और करीब 11 बजे ड्रोन विमान ने एक वाहन पर दो मिसाइल फ़ायर किए.

स्थानीय प्रशासन अधिकारियों के मुताबिक़ अमरीकी ड्रोन विमान के उस हमले में सात लोग मारे गए जो स्थानीय तालिबान के सदस्य बताए जा रहे हैं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि ड्रोन विमान ने तालिबान के हक़्क़ानी और हाफ़िज़ गुल बहादुर गुट के ठिकानों को निशाना बनाया.

दो मई को ऐबटाबाद में हुई अमरीकी कार्रवाई में अल क़ायदा के प्रमुख ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद पाकिस्तान के क़बायली इलाक़ों में ये तीसरा ड्रोन हमला है.

इस से पहले उत्तर और दक्षिण वज़ीरिस्तान में हमले किए गए थे.

पाकिस्तान के क़बायली इलाक़ों में ड्रोन हमले 2004 में शुरु किए हए थे जब पूर्व सैन्य शासक परवेज़ मुशर्रफ़ सत्ता में थे.

समय गुज़रने के साथ इन हमलों में बढ़ोतरी हुई है और अब तक सब से ज़्यादा हमले उत्तर वज़ीरिस्तान में किए गए जिस में कई लोग मारे जा चुके हैं.

'हमलों का विरोध'

पाकिस्तान सरकार ड्रोन हमलों का विरोध करती रही है और कई बार अमरीका से मांग की है कि वह ड्रोन हमलों को तुरंत बंद करे क्योंकि इन हमलों की वजह से आतंकवाद के ख़िलाफ़ चल रही जंग प्रभावित हो रही है.

राजनैतिक और धार्मिक दलों ने ड्रोन हमलों के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन भी किए हैं.

जिन इलाक़ों में ड्रोन हमले हुए हैं वो चरमपंथियों के गढ़ माने जाते हैं और अमरीका का कहना है कि वह चरमपंथी सीमापार अफ़ग़ानिस्तान में अतंरराष्ट्रीय सेना पर हमले करते हैं.

अमरीका पाकिस्तान पर लगातार दबाव बना रहा है कि वे दूसरे क़बायली इलाक़ों की तरह उत्तर वज़ीरिस्तान में भी चरमपंथियों के ख़िलाफ़ अभियान करे लेकिन पाकिस्तान ने अभी तक उन इलाक़ों में कोई कार्रवाई नहीं की है.

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