पाक धमाके में 70 मरे, तालिबान ने ली ज़िम्मेदारी

धमाके में घायल लोगों को अस्पताल ले जाते हुए इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका ज़ाहिर की जा रही है क्योंकि कई लोग घायल हैं.

पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूख़्वाह प्रांत में धमाका हुआ है जिसमें लगभग 70 लोग मारे गए हैं और 50 से ज़्यादा ज़ख़्मी हुए हैं.

इसी महीने की दो तारीख़ को अल-क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान के ऐबटाबाद में मारे जाने के बाद ये पहला बड़ा चरमपंथी हमला है.

तहरीक-तालिबान पाकिस्तान ने हमले की ज़िम्मेदारी लेते हुए कहा कि उन्होंने ओसामा बिन लादेन की मौत का बदला लेने के लिए हमले किए हैं.

मोहमंद एजेंसी के तहरीक-तालिबान पाकिस्तान के प्रवक्ता सज्जाद मोहमंद ने बीबीसी को फ़ोन करके अपने नेता हकीमुल्लाह महसूद की तरफ़ से हमले की ज़िम्मेदारी क़बूल की.

उन्होंने इसे पहला हमला बताते हुए आगे भी इसी तरह के हमले करते रहने की धमकी दी है. उनका कहना था कि सरकार और सुरक्षा अधिकारी देश की हिफ़ाज़त करने में नाकाम रहें हैं इसीलिए उनको निशाना बनाया जा रहा है.

ख़बरों के मुताबिक़ पेशावर से 35 किलोमीटर दूर चारसद्दा शहर के शबक़दर इलाक़े में स्थित एफ़सी क़िला के मुख्य दरवाज़े पर दो धमाके हुए हैं.

एफ़सी क़िला पाकिस्तान के अर्धसैनिक बल का एक प्रशिक्षण केंद्र है.

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Image caption घायलों को अस्पताल पहुँचा दिया गया है

ज़िला पुलिस अधिकारी ने बीबीसी संवाददाता रिफ़तुल्लाह ओरकज़ई से बातचीत में 68 लोगों के मारे जाने की पुष्टि कर दी है.

पुलिस के अनुसार दो आत्मघाती हमले हुए हैं और मारे जाने वालों में ज्यादातर अर्धसैनिक बल के जवान हैं.

पुलिस के मुताबिक़ पहला धमाका सुबह छह बजे उस वक़्त हुआ जब नए रंगरुट छुट्टियां मनाने अपने घर जाने के लिए बसों में सवार हो रहे थे.

तभी मोटरसाइकिल पर सवार एक आत्मघाती हमलावर ने बस के क़रीब लाकर ख़ुद को उड़ा लिया.

जब दूसरे रंगरूट धमाके की आवाज़ सुनकर अपने साथियों की मदद करने आए तभी दूसरा धमाका हुआ. हालाँकि दूसरे धमाके के बारे में अभी पूरी जानकारी मिलनी बाक़ी है.

धमाके के कारण आस पास की कई इमारतें और गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं.

एफ़सी के कमांडर अकबर बुग्ती ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि नए रंगरूटों ने बृहस्पतिवार को ही अपनी ट्रेनिंग पूरी की थी और वो घर जा रहे थे. कमांडर अकबर के मुताबिक़ कुल 818 लोगों ने प्रशिक्षण लिया था और सुरक्षा कारणों से उन्हें 15-15 के समूह में घर भेजा जा रहा था.

सुरक्षाकर्मियों ने पूरे इलाक़े की घेराबंदी कर ली है.

घायलों को शबक़दर सिविल अस्पताल और पेशावर के लेडी रीडिंग अस्पताल में ले जाया गया है.

पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने धमाके की निंदा की है.

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