पाकिस्तान में माफ़ी मांगने नहीं आया: केरी

जॉन केरी और यूसुफ़ रज़ा गीलानी इमेज कॉपीरइट Reuters

अमरीकी सीनेटर जॉन केरी ने कहा है कि वे पाकिस्तान माफ़ी मांगने नहीं बल्कि अल क़ायदा के प्रमुख ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद देशों के संबंधों में तनाव को कम करने आए हैं.

उन्होंने इस्लामाबाद में पाकिस्तानी नेतृत्व से मुलाक़ात के बाद दो अलग-अलग प्रेस वार्ताओं को संबोधित किया.

उन्होंने पहले स्थानीय पत्रकारों से बातचीत की और बाद में अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों को अपनी पाकिस्तान की यात्रा की विस्तार के जानकारी दी.

जॉन केरी ने ओसामा बिन लादेन के ख़िलाफ़ हुई अमरीकी कार्रवाई का बचाव किया और कहा कि इस मिशन को गोपनीय इसलिए रखा गया था ताकि इसे सफल बनाया जा सके.

उन्होंने पाकिस्तान की अपनी यात्रा को सकारात्मक क़रार दिया और कहा कि दो मई की घटना के बाद जिस तरह दोनों देशों के संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं उनकी यात्रा के सकारात्मक परिणाम निलकेंगे.

ग़ौरतलब है कि अमरीकी सेना ने दो मई को पाकिस्तान के शहर ऐबटाबाद में एक घर पर कार्रवाई कर ओसामा बिन लादेन को मार दिया था.

आलोचना

अमरीकी सरकार ने इस सैन्य अभियान की पाकिस्तान को जानकारी नहीं दी थी जिसकी पाकिस्तानी सरकारी कड़ी आलोचना करती है.

पाकिस्तान का कहना है कि अमरीका ने बिना बताए अभियान कर पाकिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन किया है जबकि अमरीका का कहना है कि उसने एक समझौते के तहत वह कार्रवाई की है.

जॉन केरी ने बताया कि ओसामा बिन लादेन की पाकिस्तान में मौजूदगी से कई सवाल उठ रहे हैं और ऐबटाबाद में हुए अभियान के बाद दोनों देशों के संबंध काफ़ी तनावपूर्ण हो गए हैं.

ओसामा बिन लादेन का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वे दुनिया के ख़तरनाक व्यक्ति थे और उन्होंने न केवल अमरीका बल्कि पाकिस्तान को भी काफ़ी नुक़सान पहुँचाया.

उन्होंने कहा कि ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए अमरीका ने गुप्त अभियान किया और उसकी जानकारी उन्हें भी नहीं थी.

उन्होंने बताया, “इस अभियान की जानकारी कुछ अधिकारियों को थी. जनरल पैट्रियास ने मुझे बताया कि उन्हें भी अभियान से दो दिन पहले बताया गया.”

उन्होंने आगे कहा, “पाकिस्तान से मैं काफ़ी जुड़ा हुआ हूँ और उसके बावजूद मुझे अभियान की जानकारी नहीं थी और मुझे तब पता चला जब अभियान के बाद विदेश मंत्री ने मुझे फ़ोन कर बताया.”

ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद पाकिस्तान का दौरा करने वाले जॉन केरी पहले उच्च स्तरीय अमरीकी अधिकारी हैं.

इससे पहले वे अफ़ग़ानिस्तान में थे, जहाँ उन्होंने कहा था कि अमरीकी अभियान में ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद पाकिस्तान और अमरीका के संबंध संकट के दौर से गुज़र रहे हैं.

उन्होंने कहा कि दोनों देशों में अमरीका-पाक संबंधों को आंतरिक स्तर पर नए सिरे से जांचने-परखने का राजनीतिक दबाव बढ़ता जा रहा है.

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